बुध प्रदोष व्रत की क्या है महिमा? ऐसे मिलता है उत्तम बुद्धि का वरदान

हर महीने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है. प्रदोष व्रत का पूजन शाम के समय सूर्यास्त से पहले और ठीक बाद में किया जाता है.

जो प्रदोष व्रत बुधवार के दिन पड़ता है उसे बुध प्रदोष कहते हैं.
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 08 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 8:18 AM IST

शास्त्रों में प्रदोष व्रत भगवान शिव की विशेष कृपा पाने का दिन है, जो प्रदोष व्रत बुधवार के दिन पड़ता है उसे बुध प्रदोष कहते हैं. बुध प्रदोष व्रत करके कोई भी व्यक्ति अपने बच्चों की बुद्धि और स्वास्थ्य को ठीक कर सकता है. हर महीने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है. प्रदोष व्रत का पूजन शाम के समय सूर्यास्त से पहले और ठीक बाद में किया जाता है.

शिव-गणेश की पूजा दिलाएगी दोषों से मुक्ति

- बुध प्रदोष के दिन नहा धोकर साफ हल्के रंग के कपड़े पहने

- भगवान गणेश जी के सामने घी का दीया जलाकर गं मन्त्र का 108 बार जाप करें

-सारा दिन भगवान शिव के मन्त्र नमः शिवाय का जाप करें

-शाम के समय प्रदोष काल मे भगवान शिव को पंचामृत (दूध दही घी शहद और शक्कर) से स्न्नान कराएं उसके बाद शुद्ध जल से स्न्नान कराकर रोली मौली चावल धूप दीप से पूजन करें

- भगवान शिव को सफेद चावल की खीर का भोग लगायें

- आसन पर बैठकर शिवाष्टक का पाठ करें तथा सारे विघ्न और दोषों को खत्म करने की प्रार्थना भगवान शिव से करें

बुध प्रदोष व्रत से बच्चों की सेहत को लाभ

- बच्चों की जन्मकुंडली के लग्न भाव मे पापी ग्रहों के होने तथा लग्नेश के नीच राशि मे जाने से स्वास्थ्य में बाधा आती है

- स्वास्थ्य के कारक सूर्य पीड़ित होने से भी सेहत अच्छी नहीं रहती है

- बुधवार के दिन देसी घी का चौमुखी दीपक शाम के समय शिवलिंगके समीप जलायें

- और शिव चालीसा का तीन बार पाठ करें ऐसा करने से बच्चों के स्वास्थ्य की परेशानी खत्म होगी

- बच्चों के स्वास्थ्य की समस्या खत्म होने पर बीमार बच्चों को दवा और कपड़ों का दान जरूर करें

बुध प्रदोष व्रत देगा उत्तम बुद्धि का महावरदान

- कुशाग्र बुद्धि और स्वास्थ्य के लिए लग्न लग्नेश तथा बुध और गुरु सूर्य का शुभ और बलवान  होना जरूरी होता है

- अपने स्नान के जल में गंगाजल डालकर स्नान करें ऐसा लगातार करने से सभी ग्रह शुभ प्रभाव देना शुरू कर देते है

- अपने घर की उत्तर पूर्व दिशा (ईशान कोण) में  मिट्टी के बर्तन में जल भरकर रखें तथा समय समय पर इसका जल बदलते रहे

- अपनी और अपने बच्चों की बुद्धि के लिए बुध प्रदोष व्रत के दिन सुबह और शाम के समय भगवान गणेश के सामने हरी इलायची अर्पित करें

- और 27 बार ॐ बुद्धिप्रदाये नमः मन्त्र का सुबह शाम जाप करें तथा प्रसाद के रूप में इलायची खाएं

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