Drinkable sunscreen: सनस्क्रीन को स्किन पर लगाया जाता है ताकि सूरज की हानिकारक अल्ट्रावायलेट (UV) किरणों से बचाव हो सके. सूरज की दो तरह की UV किरणें होती हैं. UVA जो स्किन को उम्रदराज़ (Aging) बनाती हैं और गहराई तक असर करती हैं. वहीं UVB जो स्किन को जलाती हैं और सनबर्न का कारण बनती हैं. सनस्क्रीन इन दोनों किरणों से त्वचा को बचाता है, जिससे टैनिंग कम होती है, सनबर्न से बचाव होता है, स्किन कैंसर का रिस्क कम होता है और स्किन एजिंग भी धीमी होती है
मार्केट में एक ऐसा लोशन, क्रीम, स्प्रे या जेल है जिसे त्वचा (Skin) पर लगाया जाता है लेकिन पिछले कुछ समय से पीने वाला सनस्क्रीन (Drinkable sunscreen) चलन में है. जी हां, मार्केट में ऐसी सनस्क्रीन भी चलन में है जिसे लगाने की बजाय पानी की तरह पीना होगा. अब इस ड्रिंकेबल सनस्क्रीन के बारे में एक्सपर्ट का क्या कहना है, इस बारे में जानेंगे.
क्या है ड्रिंकेबल सनस्क्रीन?
ड्रिंकेबल सनस्क्रीन एक तरह का लिक्विड सप्लीमेंट है जो पीने के बाद शरीर में जाकर स्किन को यूवी किरणों से बचाता है. इसमें बहुत से पोषक तत्व, विटामिन और नेचुरल इंग्रेडिएंट्स होते हैं जो स्किन को न्यूट्रिशन देते हैं और उसे सुरक्षा देते हैं. इस सनस्क्रीन को पीने के बाद इसमें मौजूद एलीमेंट एक्टिव हो जाएंगे और स्किन यूवी किरणों से प्रोटेक्ट होगी.
ड्रिंकेबल सनस्क्रीन सप्लीमेंट आमतौर पर दिन में एक बार धूप निकलने से पहले पिए जाते हैं. इनका अवशोषण और प्रभावशीलता हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकती है.
क्या है एक्सपर्ट्स की राय
नई दिल्ली की कॉस्मेटोलॉजिस्ट डॉ. करुणा मल्होत्रा का कहना है, ड्रिंकेबल सनस्क्रीन का सबसे आम प्रकार एक लिक्विड सप्लीमेंट है जिसमें एंटीऑक्सिडेंट, पॉलीपोडियम ल्यूकोटोमोस जैसे पौधों के अर्क और कभी-कभी एस्टैक्सैंथिन या बीटा-कैरोटीन जैसे विटामिन शामिल होते हैं. माना जाता है कि ये तत्व त्वचा की यूवी-प्रेरित ऑक्सीडेटिव तनाव से अंदर से बाहर तक लड़ने की क्षमता का प्रमोट करते हैं.'
'लगाने वाली सनस्क्रीन के विपरीत जो यूवी किरणों को शारीरिक रूप से अवरुद्ध या अवशोषित करते हैं, पीने योग्य सनस्क्रीन प्रणाली के आधार पर काम करती है. ड्रिंकेबल सनस्क्रीन स्किन पर कोई भी अवरोध (कवच) नहीं बनाती, बल्कि यह सूर्य के संपर्क में आने से होने वाले सेलुलर डैमेल को कम करके आपकी स्किन की फ्लेग्जिबिलिटी अंदर से बढ़ा देती है.'
स्किन एक्सपर्ट और मेडिकल कंसल्टेंट डॉ. विनता शेट्टी के अनुसार, 'ड्रिंकेबल सनस्क्रीन एक ओरल सप्लीमेंट है जो शरीर को अंदर से यूवी से होने वाले डैमेज से लड़ने में मदद करके सूर्य की किरणों से सुरक्षा प्रदान करती है. ड्रिंकेबल सनस्क्रीन को आम तौर पर पारंपरिक सनस्क्रीन के ऑपशंस के रूप में बेचा जाता है. इनमें एंटीऑक्सीडेंट, बोटेनिकल एक्सट्रेक्ट और कभी-कभी यूवी-फिल्टरिंग कंपाउंड होते हैं जो फ्री-रेडिकल्स को बेअसर करने और सूरज के संपर्क में आने से होने वाली त्वचा की क्षति को कम करने का दावा करते हैं.'
'हालांकि पीने योग्य सनस्क्रीन सप्लीमेंट कुछ हद तक सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं, लेकिन वे पारंपरिक सनस्क्रीन का ऑपशंस नहीं हैं.'
मुंबई की स्किन एक्सपर्ट डॉ. निकेता सोनवने का भी कहना है, 'इन प्रोडक्ट में आम तौर पर एंटीऑक्सीडेंट का मिश्रण होता है जो आपकी त्वचा पर यूवी किरणों के नेगेटिव इफेक्ट को कम करने के लिए अंदर से काम करता है. रिसर्च से पता चलता है कि कुछ एंटीऑक्सीडेंट और पौधों से प्राप्त कंपाउंड यूवी किरणों से होने वाली त्वचा की क्षति को कम करने में मदद कर सकते हैं लेकिन वे एसपीएफ-आधारित क्रीम या लोशन के समान सुरक्षा प्रदान नहीं करते.'
दिल्ली की कॉस्मेटोलॉजिस्ट डॉ. करुणा मल्होत्रा का कहना है, 'कोई भी ड्रिंकिंग प्रोडक्ट ब्रॉड-स्पेक्ट्रम एसपीएफ 30+ सनस्क्रीन की जगह नहीं ले सकता. हर किसी के लिए पीने योग्य सनस्क्रीन उपयुक्त नहीं है. डॉक्टर की मंजूरी के बिना इसका प्रयोग न करें. आपके पास इसके अलावा भी ऑपशंस हैं जैसे सनस्क्रीन लगाएं, छाया में रहें, सुरक्षात्मक कपड़े पहनें, तथा एंटीऑक्सीडेंट का प्रयोग करें.'
(यदि आप ड्रिंकेबल सनस्क्रीन का उपयोग करना चाहते हैं को पहले किसी स्किन एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.)
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क