अधिकतर लोगों को चिल्ड बीयर पीना बहुत पसंद है. इस पसंद के पीछे की वजह साइंस है. Matter Journal में हाल ही में प्रकाशित एक शोध में बताया गया है कि चिल्ड बीयर आखिर इतनी अच्छी क्यों लगती है. शोधकर्ताओं ने पानी के व्यवहार और एल्कोहॉलिक पेय पदार्थों में मौजूद इथेनॉल के अणुओं के बारे में अध्ययन किया है और चिल्ड बीयर का स्वाद ज्यादा अच्छा लगने की वजह बताई है.
शोध में देखा गया कि इथेनॉल के अणुओं का स्वाद पानी के तापमान के हिसाब से बदल रहा है. द टेलिग्राफ से बात करते हुए शोध के एक लेखक प्रोफेसर ली जिंयाग ने कहा, 'हमारे शोध के नतीजों से इस बात को बल मिला है कि चिल्ड बीयर अधिक पसंद की जाती है. कम तापमान बीयर की खास विशेषताओं को और बढ़ा देता है जिससे यह कई पीने वालों के लिए ज्यादा स्वाद वाली बन जाती है.'
बीयर में मौजूद पानी और इथेनॉल अणुओं का अध्ययन करते हुए शोधकर्ताओं ने देखा कि इथेनॉल के अणु अलग-अलग ड्रिंक्स में अलग-अलग तापमान पर विशेष प्रकार का आकार धारण कर लेते हैं. कम एल्कोहल वाले पेय पदार्थों जैसे बीयर को कम तापमान पर रखा जाता है तब इथेनॉल के अणु पिरामिड का आकार धारण कर लेते हैं.
वहीं दूसरी तरफ, अधिक एल्कोहल वाले एल्कोहलिक पेय पदार्थों का तापमान अगर थोड़ा ज्यादा है तो उनमें इथेनॉल अणुओं का आकार चेन की तरह होता है.
जियांग कहते हैं, 'जब तापमान कम होता है, इथेनॉल के अणु और करीब आ जाते हैं जिससे चिल्ड बीयर का स्वाद ज्यादा अच्छा लगता है.' वो कहते हैं कि पिरामिड आकार वाले इथेनॉल के अणुओं का स्वाद चेन आकार के अणुओं से ज्यादा ताजगी भरा होता है.
जलवायु परिवर्तन का बीयर पर असर
इससे पहले बीयर पर हुए एक और शोध में यह जानकारी सामने आई थी कि जलवायु परिवर्तन का असर बीयर पर भी पड़ने वाला है. साइंटिफिक जर्नल नेचर कम्यूनिकेशन्स में प्रकाशित एक शोध में कहा गया था कि जलवायु परिवर्तन से बीयर की कीमत बढ़ जाएगी और इसका स्वाद भी बदल जाएगा.
धरती का बढ़ता तापमान और बाकी कारक बीयर को बनाने में इस्तेमाल होने वाले Hop फूलों की संख्या और उनकी गुणवत्ता में गिरावट ला सकते हैं जिसकी वजह से बीयर की कीमत और उसका स्वाद दोनों बदल सकता है.
aajtak.in