झारखंड के लगभग 88000 आंगनबाड़ी कर्मचारी हड़ताल पर हैं जिससे राज्य में लगभग 39000 आंगनबाड़ी केंद्र में 6 महीने से लेकर 6 साल के बच्चों को भोजन से वंचित रहना पड़ रहा है. मई के बाद से इन बच्चों को अंडे खाने को भी नहीं दिए जा रहे हैं. जबकि कुपोषण से लड़ने के लिए हफ्ते में तीन बार खाने को अंडे देने हैं. झारखंड में कुपोषण दर 47.8% है. इत्तेफाक से झारखंड में सरकार अभी पोषण सप्ताह भी मना रही है.