देश में भारी बारिश के कारण सबसे ज्यादा मुसीबत पहाड़ों पर टूटी है. पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के बाद उफनाते नाले और टूटकर गिरते पहाड़ जिंदगी पर भारी पड़ रहे हैं. लैंडस्लाइड से रास्ते बंद पड़े हैं और घरों में लोग खौफ में जी रहे हैं. पहाडों में कई दिन से जारी मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है और यह मुसीबत कम होती नहीं दिख रही है. मौसम विभाग ने अगले 5 दिनों के लिए बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.
उत्तराखंड के बागेश्वर जनपद में 3 दिन से लगातार बारिश अब आफत बनती जा रही है. वहीं बागेश्वर के कपकोट में पिछले एक हफ्ते से लगातार तेज बारिश जारी है. कपकोट में लगातार बारिश से पहाड़ कमजोर पड़ने लगे हैं. यहां कपकोट क्षेत्र के सौंग मोनार में पहाड़ टूट कर बिखर रहे हैं. कपकोट में 18 सड़कों पर लैंडस्लाइड हुआ है, जिससे यहां के 40 गांव प्रभावित हुए हैं. धारचूला के काली नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गई है और पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है. इससे आसपास के गांववाले दहशत में जीने को मजबूर हैं. बारिश अभी भी जारी है.
उत्तराखंड में लगातार भारी बारिश के कारण हुई घटनाओं में एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक अन्य नदी में बहकर लापता हो गया. वहीं, ऋषिकेश-केदारनाथ तथा ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्गों सहित दर्जनों मार्ग भूस्खलन के चलते बंद हो गए. देहरादून में रविवार रात से लगातार बारिश हो रही है जिसके कारण नदियों और नालों में उफान आ गया है. यहां के प्रसिद्ध टपकेश्वर मंदिर सहित अनेक इलाकों में घरों में पानी घुस गया. बारिश के चलते प्रतिष्ठित दून स्कूल की चारदीवारी का एक हिस्सा भी गिर गया.
भूस्खलन के कारण कई रास्ते भी बंद हो गए हैं. ऋषिकेश-केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग रुद्रप्रयाग जिले में बांसवाड़ा के पास भूस्खलन के कारण बंद हो गया है. ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग चमोली जिले में लामबगड़ और काली मंदिर के पास भूस्खलन से बाधित है.
सरयू में बह गया व्यक्ति, प्रवाह को देख अलर्ट जारी
लगातार हो रही बारिश से सरयू नदी प्रचंड प्रवाह में आ गई है. कुमाऊं की काशी के नाम से प्रशिद्ध बाबा बागनाथ के स्नान घाट डूब गए हैं. बागेश्वर जिले में बारिश से उफनाई सरयू नदी में एक व्यक्ति बह गया. सरयू नदी समेत गरुड़गंगा, गोमती व छोटे-छोटे नालों ने रौद्र रूप ले लिया है. बागेश्वर में तीन दिन से व बागेश्वर के कपकोट में एक हफ्ते से लगातार बारिश जारी है. खतरे को देखते हुए प्रशासन द्वारा अलर्ट जारी किया गया है.
पत्थर के गिरने से एक अधिकारी की मौत
राज्य के चमोली जिले में सोमवार सुबह भारी बारिश के कारण पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में दो वाहन आ गए जिससे एक पंचायत अधिकारी की मृत्यु हो गई तथा चार अन्य घायल हो गए. पुलिस ने बताया कि गोपेश्वर-पोखरी मोटरमार्ग पर हापला के पास सड़क से गुजर रही एक कार पहाड़ी से गिरी चट्टान की चपेट में आ गई जिससे उसमें सवार पोखरी नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी नंदराम तिवारी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. कार में सवार अन्य दो अन्य घायल हो गए.
कार पर पहाड़ी से गिरा पत्थर
चमोली जिले में ही एक अन्य घटना में, कर्णप्रयाग-नैनीसैण मोटरमार्ग पर कर्णप्रयाग के पास एक कार पर पहाड़ी से पत्थर आ गिरे जिससे उसमें सवार तीन में से दो व्यक्ति घायल हो गए. उत्तराखंड के विकासनगर में कालसी चकराता हाईवे पर भारी बारिश के साथ एक भारी भरकम चट्टान पिकअप वैन पर गिरी. गनीमत रही कि चट्टान को देखकर पिकअप में सवार लोग भाग खड़े हुए और जान बच गई. लेकिन इसके बाद हाईवे पर दोनों तरफ भारी जाम लग गया.
रुद्रप्रयाग और टिहरी में फटा बादल, कई घर तबाह
रुद्रप्रयाग के गांव सिरवाड़ी में देर रात बादल फटने से तबाही मच गई. घरों में सैलाब के साथ पहाड़ों से आया मलबा घुस गया. रास्ते तबाह हो गए और खेतों में खड़ी फसल बर्बाद हो गई. टिहरी के घनसाली में घुत्तू क्षेत्र में भी बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है. लगातार बारिश से देहरादून की रिस्पना, बिंदाल, तमसा आदि नदियां भी उफान पर हैं और उनके समीप स्थित इलाकों में घरों में पानी घुस गया है.
दिखा तमसा नदी का रौद्र रूप
देहरादून के टपकेश्वर महादेव मंदिर में कई साल बाद तमसा नदी का रौद्र रूप दिखा है. हालत ऐसी है कि मंदिर तक आने वाले सभी रास्तों पर तूफानी लहरों का राज है. भगवान के भक्त भी कुदरत के कहर के आगे बेबस हैं. दून के प्रसिद्ध टपकेश्वर मंदिर के निचले भाग उफनाई तमसा नदी के पानी में डूब गए जबकि एमडीडीए कॉलोनी, पंचपुरी कॉलोनी और चंदर रोड जैसे इलाकों में घरों में पानी भर गया है.
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