तमिलनाडु के कन्नूर में हुए हेलिकॉप्टर क्रैश में जान गंवाने वाले CDS जनरल बिपिन रावत और मधुलिका रावत की अस्थियां हरिद्वार में पूरे विधि-विधान के साथ गंगा में विसर्जित कर दी गईं. अस्थियां विसर्जित करने के दौरान सीडीएस रावत की दोनों बेटियां कृतिका और तारिणी की आंखें नम थीं. वहां मौजूद बाकी लोग भी गमगीन दिख रहे थे.
इससे पहले राजधानी नई दिल्ली के बरार स्क्वायर में CDS जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका को बेटियों के कहने पर एक ही चिता पर मुखाग्नि दी गई. बेटियों ने पूरे रीति-रिवाज से अपने माता-पिता का अंतिम संस्कार किया. CDS रावत को 17 तोपों की सलामी दी गई. इस दौरान तीनों सेनाओं के अध्यक्षों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.
बता दें कि CDS को खोने का गम हर देशवासी को है. हर आंख नम है. आलम ये है कि देश के कई हिस्सों में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई. केरल से लेकर कश्मीर तक लोगों ने CDS को श्रद्धांजलि दी. जब CDS रावत के पार्थिव शरीर को कुन्नूर से पालम एयरपोर्ट पर लाया जा रहा था, तो लोगों ने रास्ते में फूल बरसाए. यही हाल दिल्ली में भी था. राजधानी दिल्ली में उनकी अंतिम यात्रा में लोगों ने फूल बरसाए. साथ ही लोगों ने 'जब तक सूरज चांद रहेगा, बिपिन जी का नाम रहेगा' के नारे लगाए.
CDS को बरार स्क्वायर में श्रद्धांजलि देने के लिए सीजेआई एनवी रमन्ना, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई नेता पहुंचे थे.
दिलीप सिंह राठौड़ / मंजीत नेगी