ग्रेटर नोएडा में दुनिया का सबसे बड़ा हस्तशिल्प और उपहार मेला शुरू हो गया है. 43वें इस मेले की खास बात ये है कि करीब 4000 एक्जिबीटर्स इस मेले का हिस्सा हैं. जिसकी वजह से इंडियन हैंडीक्राफ्ट और गिफ्ट फेयर का नाम लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है. इस बार नार्थ ईस्ट के राज्य मेले की थीम स्टेट्स है.
हाउसवेयर, होम फर्निशिंग, फर्नीचर, क्रिसमस और फेस्टिव डेकोर, लाइफस्टाइल फैशन एक्सीसरीज़, ज्वेलरी, लैंप एंड लाइट्स यानी घर के साज-सजावट से जुड़ा हर समान, एक ही छत के नीचे है. 16 फरवरी में शुरू
हुए इस मेले की खास बात ये है कि ये दुनिया का सबसे बड़ा हैंडीक्राफ्ट और उपहार फेयर है. दिलचस्प बात ये है कि 43वें मेले की ये थीम इस बार ओशन और एक्वा रखी गई है. ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राकेश
कुमार ने बताया कि 'इस बार का फेयर पिछले कई मेलों से बड़ा और बेहतर है. एक्जिबीटर और बायर की डिमांड पर इस बार देशभर के करीब 4000 एक्जिबीटर अपने प्रोडक्ट को डिस्पले कर रहे हैं.
हर साल आयोजित होने वाले इस फेयर में देशी एक्जिबीटर्स के अलावा 81 देशों के खरीदार भी इस मेले में शिरकत कर रहे हैं. कनाडा से आए एक बायर ने बताया कि 'मैं अमेरिका से खासतौर से इस फेयर के लिए आया हूं. हर साल मैं खरीदारी करने के लिए चाइना के शंघाई जाता था लेकिन पहली बार मैं यहां आया हूं. मैं बहुत उत्साहित हूं क्योंकि इंडिया का ट्रेडिशन और कल्चर मुझे बहुत पसंद है.
लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज इस फेयर का फोकस स्टेट्स नॉर्थ ईस्ट राज्य हैं. नगालैंड से आईं एक्जिबीटर वेरोलीन ने बताया कि 'नॉर्थ ईस्ट राज्यों में काफी टैलेंट हैं, लेकिन वहां पर ज्यादा बायर नहीं हैं.
इस वजह से ज्यादा बिज़नेस भी नहीं है. उन्होंने कहा कि हमारे लिए ये एक अच्छा प्लैटफॉर्म है.
हर साल मेले में हिस्सा ले रहे मेरठ के एक्जिबीटर आदित्य ने बताया कि 'हम यहां हर साल आते हैं और किसी भी प्रोडक्ट और ब्रैंड के लिए पूरी दुनिया और देश को अपनी कला दिखाने का ये अच्छा मंच है.' वहीं जयपुर से होम डेकोरेशन का समान लेकर आए जयपुर के एक एक्जिबीटर ने बताया कि 'चाइना हमारा मेन कॉम्पिटीटर है, दुनिया भर के बायर्स यहां आते हैं. इसलिए हमारे बिजनेस को इस मेले से काफी बूस्ट मिलता है.' दुनिया का ये सबसे बड़ा हस्तशिल्प और उपहार मेला 20 फरवरी तक चलेगा.
स्वाति रस्तोगी