उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के नेताओं में खींचतान देखने को मिलने लगी है. कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिलने गया था. जिसके बाद कांग्रेस ने लेटर जारी कर कहा है कि नेताओं का यह प्रतिनिधिमंडल आधिकारिक नहीं था. ऐसे में चुनाव आयोग में गए कांग्रेस के डेलिगेशन ने आजतक से बातचीत में कहा कि हम अधिकृत थे. और यह सब कुछ प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू की जानकारी में भी था. डेलिगेशन ने कहा कि ऐसे में हम नहीं जानते हैं कि ये पत्र क्यों लिखा गया. हालांकि उन्होंने कहा कि हमारी मांग वही है एसीएस होम को हटाना.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और डेलिगेशन लीड करने वाले ओंकार नाथ सिंह ने बताया कि हमारा डेलिगेशन पूरी तरीके से लीगल था. जिसकी सूचना पूरी तरीके से पार्टी के संगठन को दी गई थी. उन्होंने कहा कि पार्टी ने हमें अधिकृत किया था जिसकी वजह से हम वहां पर गए थे. जिसमें हमारी साफ तौर से मांग की थी कि चुनाव को निष्पक्ष तरीके से कराया जाए. कोविड के नियमों का पालन किया जाए और पुलिस जहां पर चुनाव को प्रभावित कर सकती है उसकी वजह से एसीएस होम तो हटाया जाना चाहिए.
ओंकार नाथ ने कहा कि मैं पार्टी में पूरी लगन से काम कर रहा हूं उसके बावजूद मुझे अनाधिकृत बताया गया. एसीएस होम को हटाने के लिए बात कही वह सही है और वह सब सही है. उन्होंने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के नॉलेज में पूरी जानकारी थी. हमने प्रदेश अध्यक्ष से पूछा था कि क्या करना है, उस समय उन्होंने कोई निर्देश नहीं दिया था. अगर उसी समय बोल देते कि नहीं जाना है तो हम नहीं जाते.
उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश अध्यक्ष ने अनाधिकृत जैसी बात क्यों कही, इसका कुछ नहीं कहा जा सकता है. उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि मैंने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. इसके अलावा महासचिव प्रियंका गांधी को भी पत्र लिख कर सारी बातों की जानकारी दे दी है.
क्या है मामला
दरअसल, कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिलने गया था. इसमें कांग्रेस नेता ओंकार नाथ सिंह ,वीरेंद्र मदान समेत 3 लोग शामिल थे. कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग से अपील की थी, राज्य में निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए अपर मुख्य गृह सचिव अवनीश अवस्थी को हटाने की मांग की थी. लेकिन अब इस मामले में कांग्रेस ने लेटर जारी कर कहा है कि नेताओं का यह प्रतिनिधिमंडल आधिकारिक नहीं था.
कांग्रेस ने एक पत्र जारी किया है. इसमें लिखा है कि चुनाव आयोग से मुलाकात करने वाली टीम आधिकारिक नहीं थी. इसके अलावा चुनाव आयोग से मांग की गई है कि प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा और प्रमोद तिवारी, नसीमुद्दीन सिद्दीकी के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व मंडल निष्पक्ष चुनाव को लेकर राय देना चाहता है.
आशीष श्रीवास्तव