सीएम योगी 12 दिसंबर को करेंगे कैलाश मानसरोवर भवन का उद्घाटन

इस भवन के निर्माण में जयपुर से लाए गए पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है. सीएम योगी 12 दिसंबर को दोपहर साढ़े तीन बजे के करीब कैलाश मानसरोवर भवन का लोकार्पण करेंगे.

Advertisement
सीएम योगी ड्रीम प्रोजेक्ट का करेंगे उद्घाटन (पीटीआई) सीएम योगी ड्रीम प्रोजेक्ट का करेंगे उद्घाटन (पीटीआई)

राम किंकर सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 11 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 1:35 PM IST
  • मुख्यमंत्री योगी ड्रीम प्रोजेक्ट का करेंगे उद्घाटन
  • कैलाश मानसरोवर भवन में 300 यात्रियों की रहने की व्यवस्था
  • चार धाम की यात्रा करने वालों को मिलेगी सुविधा

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 12 दिसंबर को अपने ड्रीम प्रोजेक्ट कैलाश मानसरोवर भवन का उद्घाटन करेंगे. कैलाश मानसरोवर भवन के निर्माण में करीब 60 करोड़ रुपये की लागत आयी है. इंदिरापुरम के शक्ति खंड चार में करीब नौ हजार वर्गमीटर जमीन पर निर्मित भवन में सौ कमरे बनाए गए हैं. यहां पर 300 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था की गई है.

Advertisement

इस भवन के निर्माण में जयपुर से लाए गए पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है. सीएम योगी 12 दिसंबर को दोपहर साढ़े तीन बजे के करीब कैलाश मानसरोवर भवन का लोकार्पण करेंगे. सीएम योगी आदित्यनाथ के यहां आने को लेकर पहले से सुरक्षा प्लान तैयार किया गया है. माना जा रहा है कि इस भवन के निर्माण से अब चार धाम के यात्रियों को सुविधा मिलेगी. 

फीस-फ्लैट-रेंट-रोजगार पर अहम फैसले

योगी सरकार सूबे में नया किराएदारी कानून लेकर आ रही है. इस नए कानून के लागू होने के बाद न तो मकान मालिक मनमाने तरीके से किराया बढ़ा पाएंगे और न ही बिना किराया चुकाए किरायेदार किसी के मकान में रह सकेंगे. नए कानून से मकान मालिक और किरायेदार दोनों के हित सुरक्षित होंगे और उन्हें कानूनी संरक्षण मिलेगा. इस कानून के जरिए किरायेदार और मकान मालिकों के बीच के विवाद खत्म होंगे तो नोएडा-गाजियाबाद जैसे शहरों में किराया दिल्ली और एनसीआर के बाकी शहरों की तुलना में कम बढ़ेगा. 

Advertisement

देखें: आजतक LIVE TV

बिल्डरों पर नकेल, बायर्स को राहत 
योगी ने जिस समय सत्ता संभाली उस समय खासकर नोएडा-गाजियाबाद-लखनऊ में तमाम फ्लैट बायर्स बिल्डरों द्वारा फ्लैट न देने या अपनी अन्य समस्याओं को लेकर सड़कों पर थे. योगी ने इसे लेकर सख्त रुख अपनाया. बिल्डरों को फ्लैट देने के लिए डेडलाइन तय की गई. प्राधिकरणों में अफसरों को कसा गया. नतीजा ये हुआ कि बायर्स को फ्लैट मिलने की रफ्तार में तेजी आई. कई रुके हुए प्रोजेक्ट पर काम शुरू हुआ. अपने घर का सपना देख रहे मिडिल क्लास के लिए ये बड़ी राहत का फैसला था.

प्रवासी मजदूरों को यूपी में ही काम
कोरोना के चलते लगे लॉकडाउन में देश के दूसरे राज्यों से सबसे ज्यादा प्रवासी मजदूर उत्तर प्रदेश ही लौटे. इनमें ज्यादातर ऐसे मजदूर थे जो छोटे-छोटे काम के लिए मुंबई, दिल्ली, सूरत, अहमदाबाद जैसे शहरों में पलायन कर गए थे. योगी सरकार इन मजदूरों को सूबे में ही रोजगार दिलाने का ऐलान किया. रोजगार हेल्प डेस्क बनाई गई. प्रवासी मजदूरों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर डाटा तैयार किया गया और जिस काम के लिए जो मजदूर उपयुक्त थे उससे जोड़ने की कवायद की गई. इनके लिए प्रदेश में विभागवार रोजगार सृजन का लक्ष्य तय किया गया है. 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement