जौहर यूनिवर्सिटी में पुलिस छापेमारी के खिलाफ याचिका, इलाहाबाद HC ने मांगी जानकारी

उत्तर प्रदेश के रामपुर में जौहर विश्वविद्यालय में हाल ही में पुलिस ने छापेमारी की थी. अब पुलिस की इस छापेमारी के खिलाफ याचिका दाखिल की गई है. जिस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जानकारी मांगी है. 6 अगस्त को मामले की अगली सुनवाई होगी. इस मामले में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार की तरफ से याचिका दाखिल की गई है.

Advertisement
इलाहाबाद हाईकोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट

aajtak.in

  • प्रयागराज,
  • 01 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 8:15 PM IST

उत्तर प्रदेश के रामपुर में जौहर विश्वविद्यालय में हाल ही में पुलिस ने छापेमारी की थी. अब पुलिस की इस छापेमारी के खिलाफ याचिका दाखिल की गई है. जिस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जानकारी मांगी है. 6 अगस्त को मामले की अगली सुनवाई होगी. इस मामले में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार की तरफ से याचिका दाखिल की गई है.

Advertisement

समाजवादी पार्टी के सांसद मोहम्मद आजम खान जौहर यूनिवर्सिटी के चांसलर हैं. याचिका में बिना सर्च वारंट यूनिवर्सिटी परिसर में घुसकर कुलाधिपति कार्यालय में तोड़फोड़ का लगाया आरोप गया है. पुलिस पर यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों को गिरफ्तार करने का भी आरोप है.

जस्टिस शशिकांत गुप्ता और जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी की खंडपीठ ने यूपी सरकार से जवाब तलब किया है. याचिका में पुलिस की कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश का खुला उल्लंघन बताया गया है. वहीं सरकार की तरफ से कोर्ट में कहा गया कि यूनिवर्सिटी में पुस्तकें चोरी की हैं. इस सिलसिले में एफआईआर दर्ज है. मजिस्ट्रेट से आदेश नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है. कोर्ट ने कहा है कि कानून के विपरीत कार्यवाई न हो. याची के राज्य प्रायोजित कार्यवाही लिखने पर कोर्ट ने आपत्ति जाहिर की.

बता दें कि रामपुर से सांसद आजम खान के खिलाफ जिला प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में सपा ने गुरुवार को जमकर विरोध-प्रदर्शन किया तो वहीं किसी अप्रिय घटना को टालने के लिए पुलिस प्रशासन ने वहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी थी. पुलिस ने नियम का उल्लंघन करने पर कई लोगों को गिरफ्तार भी किया.

Advertisement

दूसरी ओर जिला प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाने वाले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर बदायूं, संभल, मुरादाबाद, अमरोहा, पीलीभीत, बरेली और बिजनौर के कार्यकर्ता रामपुर पहुंचे और प्रदर्शन किया. वहीं इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले में यूपी सरकार से रिपोर्ट मांगी है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement