लोकसभा के बाद राज्यसभा में तीन तलाक बिल पास होने के साथ ही देश में अब तीन तलाक युग का लगभग अंत हो गया है. संसद से पास होने के बाद इसे अब राष्ट्रपति के पास हस्ताक्षर के लिए भेजा जाएगा. वहां से अनुमति मिलने के बाद यह कानून बन जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई केंद्रीय मंत्रियों ने आज के दिन को ऐतिहासिक करार दिया.
संसद से तीन तलाक बिल पास होने पर केंद्र की मोदी सरकार ने राहत की सांस ली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट के जरिए इसे मुस्लिम महिलाओं की बड़ी जीत बताया. उन्होंने कहा कि सदियों से तीन तलाक की कुप्रथा से पीड़ित मुस्लिम महिलाओं को आज न्याय मिला है. इस ऐतिहासिक मौके पर मैं सभी सांसदों का आभार व्यक्त करता हूं.
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी तीन तलाक बिल पास होने को ऐतिहासिक बताया और महिला-पुरुष समानता के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी ट्वीट कर मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक के अभिशाप से छुटकारा मिलने पर बधाई दी.
केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बिल के पास होने के बाद कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है. संसद के दोनों सदनों ने मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाने का काम किया है. बदलते भारत की यह शुरुआत है.
संसद के दोनों सदनों से तीन तलाक बिल पास होने के बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आज के दिन को खास बताया और ट्वीट करते हुए कहा, 'आज ऐतिहासिक दिन है. संसद में तीन तलाक बिल पास हुआ जो कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण कदम है. मैं आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनंदन करता हूं जिनके नेतृत्व में संसद ने मुस्लिम महिलाओं के प्रति होने वाले इस अत्यचार का अंत किया.'
भारतीय जनता पार्टी की सांसद मीनाक्षी लेखी ने भी तीन तलाक बिल के संसद में पास होने पर खुशी जताते हुए ट्वीट किया. उन्होंने कहा कि भारत ने तीन तलाक के खिलाफ बिल पास कर इतिहास रच दिया है. भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन (BMMA) को इस मामले में संघर्ष करने और जीत हासिल करने पर बधाई.
पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी ट्वीट कर मुस्लिम महिलाओं को इस कुप्रथा के खत्म होने पर बधाई दी.
मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में विदेश मंत्री रहीं सुषमा स्वराज ने तीन तलाक बिल के पास होने पर खुशी जताई और ट्वीट किया कि क्रांतिकारी विधेयक को पारित करवाने के लिए प्रधानमंत्री और उन सभी सांसदों का अभिनन्दन जिन्होंने इस विधेयक के पक्ष में मतदान किया.
तीन तलाक बिल को लेकर संसद ने मंगलवार को इतिहास रच दिया. लोकसभा के बाद अब राज्यसभा से भी यह बिल पास हो गया. राज्यसभा में बिल के पक्ष में 99 और विपक्ष में 84 वोट पड़े. अब इस बिल को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास भेजा जाएगा. इससे पहले राज्यसभा में तीन तलाक बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने का प्रस्ताव भी वोटिंग के बाद गिर गया. इस प्रस्ताव के पक्ष में 84 और विपक्ष में 100 वोट पड़े थे.
aajtak.in