तमिलनाडु यूनिवर्सिटी का आदेश, 24 घंटे में हॉस्टल छोड़ें स्टूडेंट

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन देखा जा रहा है. वहीं अब तिरुवरूर में तमिलनाडु केंद्रीय यूनिवर्सिटी के छात्रों को 24 घंटे के भीतर हॉस्टल छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं.

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सड़क पर बैठे छात्र (फोटो-अक्षया नाथ) सड़क पर बैठे छात्र (फोटो-अक्षया नाथ)

अक्षया नाथ

  • चेन्नई,
  • 17 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 2:18 AM IST

  • तमिलनाडु यूनिवर्सिटी ने छात्रों को हॉस्टल छोड़ने के लिए कहा
  • यूनिवर्सिटी के छात्रों ने सड़क पर बैठकर दिया धरना

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन देखा जा रहा है. इस दौरान देश की राजधानी दिल्ली में जामिया मिलिया इस्लामिया में रविवार को हुई हिंसा में कई छात्र घायल हो गए. जिसके बाद जामिया के छात्रों के समर्थन में दूसरी यूनिर्वसिटी के छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं. इसको देखते हुए अब तिरुवरूर में तमिलनाडु केंद्रीय यूनिवर्सिटी के छात्रों को 24 घंटे के भीतर हॉस्टल छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं.

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तमिलनाडु केंद्रीय यूनिवर्सिटी के जरिए एक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर कहा गया है, '2019-20 की सर्दियों की छुट्टियों के लिए यूनिवर्सिटी 16 दिसंबर 2019 से बंद है. सभी हॉस्टलर्स को आदेश दिया जाता है कि 24 घंटे के भीतर हॉस्टल खाली कर दें.'

वहीं जानकारी मिलने के बाद से ही हॉस्टलर्स सड़कों पर बैठ गए हैं. उनका आरोप है कि कई छात्र नॉर्थ ईस्ट के साथ ही देश के कई राज्यों से यहां है. उन छात्रों के लिए 24 घंटे में हॉस्टल छोड़कर चले जाना मुमकिन नहीं है. जिसके बाद छात्र रात में सड़कों पर बैठ गए हैं.

जामिया में क्या हुआ?

रविवार को दक्षिण दिल्ली में नाराज भीड़ ने पुलिसकर्मियों, आम नागरिकों और मीडिया को निशाना बनाया था. भीड़ ने दक्षिणी दिल्ली को कब्जे में ले लिया. प्रदर्शनकारियों के हिंसक होने और पुलिस के साथ झड़प के पांच घंटे बाद पुलिस ने जामिया नगर में फ्लैग मार्च किया. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे. हिंसक भीड़ ने पुलिसकर्मियों की बड़ी टुकड़ी से संघर्ष किया और मीडिया पर भी पथराव किया.

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दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया में रविवार को हिंसा हुई. इस दौरान कई छात्र घायल हो गए. आरोप है कि पुलिस कैंपस की लाइब्रेरी में घुसी और छात्रों से मारपीट की, जिसमें कई छात्र घायल हुए. एक चश्मदीद के मुताबिक, जब बाहर से ज्यादा गैस के गोले आने लगे तो जो छात्र नीचे लाइब्रेरी में थे वो ऊपर आने लगे. फिर 15 मिनट बाद पुलिसवाले अंदर घुसे. उन्होंने दरवाजे तोड़ दिए और फिर वहां पढ़ाई कर रहे छात्रों से मारपीट करने लगे.

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