सीताराम येचुरी से सियासी गलियारों में 'आउटसाइड सपोर्ट' कॉन्सेप्ट के लिए सदन के अंदर हंसी मजाक और चुहलबाजी होती रही है. लेकिन बहसों में टू द प्वाइंट बात रखने वाले सीताराम येचुरी अब राज्यसभा में नहीं होंगे. उन्हें अपनी पार्टी की ओर से तीसरा कार्यकाल नहीं मिलने जा रहा है. मानसून सत्र में गुरुवार को सदन में येचुरी के साथी सदस्यों ने उन्हें विदाई दी.
तीसरी बार राज्यसभा नहीं जाएंगे सीताराम येचुरी, नहीं हैं जरूरी नंबर
अपने विदाई भाषण में येचुरी ने कहा कि मैं कहीं भी रहूं लेकिन रामगोपाल यादव जी को देखने के लिए अपनी बायीं ओर देखता रहूंगा. रामगोपाल समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद हैं. येचुरी के भाषण के दौरान कई सारे सदस्य भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि 2004 में कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद ने मुझसे कहा था कि वे मुझे संसद में देखना चाहते हैं. हमारी पार्टी ने सोमनाथ चटर्जी को स्पीकर बनाया और मुझे संसद भेजने का फैसला लिया.
अपने भाषण में थोड़ा हास्य जोड़ते हुए येचुरी ने कहा कि 'आउटसाइड सपोर्ट के लिए इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट सीपीएम को दिया जाना चाहिए.' येचुरी ने कहा कि कांग्रेस के जयराम रमेश उन्हें सीताराम ऑबिचुअरी बुलाते रहे हैं और वे उन्हें जयराम मोर्चुअरी कहते हैं. इस बीच अरुण जेटली ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि जयराम रमेश नहीं बदले और अब भी ऑबिचुअरी लिखते हैं.
दूसरी तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि मेरी बेटी कहती है कि जब से मैंने अपने बाल रंगने बंद किए हैं... मैं येचुरी की तरह दिखने लगा हूं. डेरेक ओ ब्रायन येचुरी के बारे में बोलते हुए भावुक हो गए.
येचुरी ने अपने परिवार और पत्नी का जिक्र करते हुए कहा कि मेरा बेटा ब्राह्मण, हिंदू, मुस्लिम... नहीं... बल्कि हिंदुस्तानी के रूप में जाना जाएगा. उन्होंने अपने भाषण का अंत मकदूम को उद्धृत करते हुए कहा कि आइए एक बेहतर भारत बनाएं.
नंदलाल शर्मा