नए HRD मंत्री निशंक बोले- अपनी जिम्मेदारी पर खरा उतरूंगा

मानव संसाधन विकास मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद रमेश पोखरियाल निशंक ने पार्टी अध्यक्ष और देश के नए गृह मंत्री अमित शाह से मार्गदर्शन लिया. इसके अलावा निशंक ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से भी मुलाकात की.

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मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (PTI फोटो) मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (PTI फोटो)

मंजीत नेगी / aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 जून 2019,
  • अपडेटेड 9:32 PM IST

मानव संसाधन विकास मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद रमेश पोखरियाल निशंक ने पार्टी अध्यक्ष और देश के नए गृह मंत्री अमित शाह से मार्गदर्शन लिया. इसके अलावा निशंक ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से भी मुलाकात की. सभी मुलाकातों का मकसद अपनी नई जिम्मेदारी से पहले सबका मार्गदर्शन लेना था. निशंक अपनी नई जिम्मेदारी के प्रति सजग हैं. उनका साफ कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने उन पर जो भरोसा जताया है उस पर वो पूरी तरह से खरा उतरेंगे.

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आजतक से खास बातचीत में रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा 'मानव संसाधन बड़ा मंत्रालय है और देश के युवाओं के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है. मैंने हमेशा काम किया है और मैं उस पर खरा उतरूंगा. भारत की शिक्षा कैसे विश्व गुरु रही है, उसको बाहर ले जाना मेरी कोशिश होगी.' वहीं कथित डिग्री विवाद को लेकर उन्होंने साफ कहा कि मैंने कोई गलत काम नहीं किया. इसलिए डरता नहीं हूं. मैं निशंक हूं.

निशंक बचपन से ही कविता और कहानियां लिखते रहे हैं. उनका पहला कविता संग्रह साल 1983 में प्रकाशित हुआ. अब तक उनके 14 कविता संग्रह, 12 कहानी संग्रह, 11 उपन्यास, 4 पर्यटन, 6 बाल साहित्य, 4 व्यक्तित्व विकास सहित कुल 5 दर्जन से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं. देश के राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा, एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा सिंह पाटील के अलावा प्रणब मुखर्जी के जरिए उनकी पुस्तकों का राष्ट्रपति भवन में विमोचन किया गया. तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जरिए भी पुस्तक का विमोचन किया गया.

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नेपाल सरकार के जरिए निशंक को हिमाल गौरव सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है. साहित्य सृजन के लिए श्रीलंका, जर्मन, हॉलैंड, रूस, जापान, इंडोनेशिया, भूटान के साथ ही कई यूरोपीय देशों में भी इन्हें सम्मान हासिल हो चुका है. मॉरिशस के जरिए देश के सर्वोच्च सम्मान से भी निशंक को असाधारण उपलब्धि सम्मान प्राप्त हो चुका है.

वहीं उत्तराखंड राज्य बनने के बाद साल 2000 में वह प्रदेश के पहले वित्त पेयजल सहित 12 विभागों के मंत्री बने. साल 2007 में उत्तराखंड सरकार में चिकित्सा और विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग के मंत्री रहे. 2009 में उत्तराखंड प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने. वहीं 2011 में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त हुए और 2012 में ही डोईवाला क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए. इसके अलावा 2014 में डोईवाला से इस्तीफा देकर हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए और साल 2014 से 2019 तक लोकसभा की सरकारी आश्वासन समिति के सभापति रहे.

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