अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए देश पूरी ताकत का इस्तेमाल करेगा : राष्ट्रपति कोविंद

पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले के बाद आतंकवादियों पर भारतीय वायुसेना के एयर स्ट्राइक का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा के लिए भारत अपनी पूरी ताकत का इस्तेमाल करेगा.

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भारतीय वायुसेना के एयर स्ट्राइक का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भारतीय वायुसेना के एयर स्ट्राइक का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 मार्च 2019,
  • अपडेटेड 11:30 PM IST

पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले के बाद आतंकवादियों पर भारतीय वायुसेना के एयर स्ट्राइक का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा के लिए भारत अपनी पूरी ताकत का इस्तेमाल करेगा.

कोयंबटूर के हकीमपेट स्थित एयरफोर्स स्टेशन पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि विभिन्न देशों के परिप्रेक्ष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जैसे-जैसे भारत का कद बढ़ा है ठीक वैसे-वैसे उसकी सशस्त्र सेना की ताकत और क्षमता भी बढ़ी है.

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कोविंद ने कहा कि शांति के लिये भारत दृढ़ संकल्प है लेकिन जरूरत पड़ने पर राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा के लिये हम अपनी पूरी ताकत का इस्तेमाल करेंगे. मुझे यकीन है कि सेना में हमारे शूरवीर पुरूष और बहादुर महिला सैनिक ऐसे समय में अपना दमखम  दिखाएंगे.

उन्होंने कहा कि वीर वायु योद्धाओं से लैस देश की सशस्त्र सेनाएं, राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने इसी दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन करते हैं.

राष्ट्रपति ने कहा कि हमने उनकी वीरता और पेशेवर अंदाज को  हाल में ही देखा है. जिस तरह से भारतीय वायुसेना ने आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर हमले किए, यह उसी का उदाहरण है.

भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को एयर स्ट्राइक कर पाकिस्तान में स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को तबाह कर दिया था.

हकीमपेट एयरफोर्स स्टेशन और सुलुर के 5 बेस रिपेयर डिपो को प्रेसिडेंट कलर्स अवार्ड कार्यक्रम में राष्ट्रपति कोविंद ने शिरकत की  जहां उन्होंने ये बातें कहीं. आपको बता दे कि राष्ट्रपति तीन दिवसीय दौरे पर हैं.

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प्रेसिडेंट कलर्स क्या है

एयरफोर्स की टुकड़ी या स्क्वॉड्रन को देश की सेवा में अनूठे कार्यों और योगदान के लिए राष्ट्रपति द्वारा दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार है. अब तक 67 एयरफोर्स की यूनिटों और स्क्वॉड्रन को ये पुरस्कार मिल चुका है. पहली बार सन 1968 में तत्कालीन राष्ट्रपति जाकिर हुसैन ने नंबर 1 स्क्वॉड्रन को ये अवार्ड दिया था.

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