26/11 हमले से जुड़े आरटीआई खुलासे पर पूर्व गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने 'आज तक' से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि वे लोग वहां टूर के लिए नहीं गए थे. दोनों देशों का डेलीगेशन आतंकवाद पर बातचीत करने के लिए मिला था.
मुझे उन्होंने बताया था कि जब कोई भी डेलीगेशन बाहर से आता है तो होम सेक्रेटरी और इंटीरियर मिनिस्टर से मिल कर आता है. हमारे यहां भी ऐसा होता है. दूसरे दिन उनके इंटीरियर मिनिस्टर को मिलना था इसलिए वो लोग वहां ले कर गए. कोई घूमने के मकसद से नहीं गए थे.
हमले के वक्त महाराष्ट्र के सीएम भी केरल में थे
उन्होंने कहा कि यहां पर मोर्चा संभालने के लिए बहुत अफसर थे. मैंने मुख्यमंत्री को पूछा कि मदद की जरूरत है क्या? वो भी मुंबई से बाहर केरल में थे. उन्होंने कहा कि अगर कुछ फोर्स भेज सकते हैं तो भेज दें. फिर हमने एनएसजी का इंतजाम किया. तब हमारे पास इतना बड़ा एयरक्राफ्ट नहीं था कि 250 लोगों को ले जा सके. इसलिए चंडीगढ़ से इंतजाम किया गया.
पाटिल बोले- मैं वहां कपड़े बदलने के लिए नहीं बैठा
पाटिल ने कहा कि उसी एयरक्राफ्ट में सभी गए. मैं भी उसमें गया था. मैं कपड़े बदलने नहीं बैठा था यहां पर. सब लोग खड़े हो कर गए थे. मैं चाहता तो नहीं जाता, क्योंकि वहां मेरी जरूरत नहीं थी. सबको वहां से निकाल कर लाया. उन्होंने कहा कि आज इतने साल बाद मधुकर गुप्ता पर दोष लगा कर क्या साबित करना चाहते हैं.
क्या कारगिल के लिए वाजपेयीजी को पकड़ेंगे?
पूर्व गृह मंत्री ने कहा कि आप ये बताना चाहते हैं कि पहले की सरकार चौकस नहीं थी. अब वाजपेयी वहां चले गए और कारगिल हो गया, हम वाजपेयीजी को पकड़ेंगे क्या? पार्लियामेंट में हमला हो गया तो हम आपको पकड़ेंगे क्या? हम आपको रिजाइन करने को नहीं बोलेंगे, लेकिन आप आर-पार की बात करेंगे तो हम आपके साथ नहीं हैं.
अहमद अजीम