नीति आयोग की मीटिंग में शामिल नहीं हुए तीन CM, PM ने सेट किया टारगेट

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए. वहीं इस बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह शामिल नहीं हुए.

नीति आयोग की बैठक में पीएम मोदी (फोटो- PIB)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 15 जून 2019,
  • अपडेटेड 10:41 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शनिवार को नीति आयोग की बैठक हुई. नीति आयोग की पांचवीं बैठक में प्रधानमंत्री  मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था को 2024 तक 5 ट्रिलियन डॉलर करने का लक्ष्य तय किया. उन्होंने कहा कि यह चुनौतीपूर्ण है, लेकिन इसे हासिल किया जा सकता है.

इस बैठक में कई राज्यों के मुख्यमंत्री और राज्यपाल शामिल हुए. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी इस बैठक का हिस्सा बने. लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह शामिल नहीं हुए.

अरविंद केजरीवाल की केंद्र से मांग

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नीति आयोग की बैठक में यमुना के पानी की नेचुरल स्टोरेज के लिए केंद्र सरकार से सहयोग मांगा. उन्होंने कहा कि IIT दिल्ली की स्टडी में कहा गया है कि अगर हम एक मॉनसून का पानी एकत्रित कर लें तो दिल्ली के दो साल के पानी की पूर्ति हो सकती है. इसके अलावा उन्होंने केंद्र सरकार से दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की भी मांग की.

देवेंद्र फडणवीस ने कहा- 'थैंक्यू पीएम मोदी'

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जल संरक्षण की पहल को गिनवाया. उन्होंने कहा कि 73 प्रतिशत बारिश और सूखे के बावजूद महराष्ट्र ने कई तरह की जल संरक्षण पहलों की सफल प्रस्तुति दी है. हमने 115.70 लाख एमटी अनाज का उत्पादन किया. ऐसा इसलिए संभव हुआ क्योंकि हम बहुत कम बारिश पर आधारित थे. इसके अलावा फडणवीस ने सूखे को नियंत्रित करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार की मदद के लिए शुक्रिया अदा भी किया.

पीएम मोदी ने नीति आयोग की बैठक में कहा था कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के मंत्र को पूरा करने में नीति आयोग की अहम भूमिका है. आय और रोजगार बढ़ाने के लिए निर्यात क्षेत्र महत्वपूर्ण है, राज्यों को निर्यात प्रोत्साहन पर ध्यान देना चाहिए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब हम उस गवर्नेंस सिस्टम की ओर जा रहे हैं जिसकी विशेषता परफॉर्मेंस, ट्रांसपेरेंसी और डिलिवरी है. पीएम मोदी ने कहा कि योजनाओं का धरातल पर सही रूप में उतरना जरूरी है. उन्होंने कहा कि वे गवर्निंग काउंसिल के सदस्यों से अपील करते हैं कि वे एक ऐसी सरकारी व्यवस्था तैयार करें जो काम करता हो और जिसे लोगों का विश्वास हासिल हो.

पीएम ने कहा कि इस बार गठित किया गया जल शक्ति मंत्रालय पानी के उचित इस्तेमाल का व्यापक दृष्टिकोण विकसित करेगा. उन्होंने राज्यों से अपील की कि वे भी जल संरक्षण और जल प्रबंधन से जुड़ी कई कोशिशों को एक प्लेटफॉर्म पर ला सकते हैं. नरेंद्र मोदी ने कहा कि उपलब्ध पानी का संरक्षण बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि 2024 तक देश के हर ग्रामीण घर तक पाइप से पानी पहुंचाया जाए.

नरेंद्र मोदी ने कहा कि नक्सल हिंसा के खिलाफ जंग निर्णायक पड़ाव पर पहुंच गया है. उन्होंने कहा कि हिंसा का जवाब सख्ती से दिया जाएगा.  जिन राज्यों ने आयुष्मान भारत योजना को अबतक लागू नहीं किया है,पीएम नरेंद्र मोदी ने उनसे अपील की और कहा कि वे इस मसले पर जल्द से जल्द केंद्र सरकार के साथ आएं. उन्हें कहा कि स्वास्थ्य और जनकल्याण हर फैसले का केंद्र बिंदू होना चाहिए.

ममता की नाराजगी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी केंद्र सरकार के कामकाज से कई बार अपनी असहमति जता चुकी हैं. बैठक में नहीं आने के कारण पर ममता ने कहा था कि नीति आयोग के पास राज्यों की मदद के लिए वित्तीय शक्ति नहीं है. लिहाजा उसकी बैठक में हिस्सा लेने का कोई फायदा नहीं है.

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