लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) हार पर मंथन करने और उत्तर प्रदेश विधानसभा की 12 सीटों पर उपचुनाव की रणनीति तय करने में जुट गई है. इसी को लेकर लखनऊ में बसपा सुप्रीमो मायावती की अगुआई में उनके आवास पर पार्टी पदाधिकारियों की अहम बैठक चल रही है. लेकिन बैठक में पहुंचने वाले नेताओं से मीटिंग रूम में जाने से पहले उनकी जरूरी चीजें जमा करा ली गई हैं. इनमें मोबाइल, बैग, पेन, कार की चाबी इत्यादि शामिल हैं. यानी नेताओं को मीटिंग हॉल में कुछ भी ले जाने की अनुमति नहीं दी गई है.
सूत्र बता रहे हैं कि उपचुनाव में मायावती पार्टी पदाधिकारियों के साथ लोकसभा चुनाव में करारी हार की समीक्षा करेंगी. लोकसभा चुनाव में बसपा ने अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा था. दोनों पार्टियों की यूपी के वोट बैंक पर अच्छी-खासी पकड़ है. लेकिन सारे समीकरण ध्वस्त करते हुए एनडीए ने 80 सीटों में से 64 सीटों पर जीत हासिल की. वहीं बसपा को 10 और सपा को 5 सीट मिलीं.
2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 325 सीट जीती थीं. इनमें से 12 सीटों पर उपचुनाव होने हैं. उनमें 9 सीटों के बीजेपी विधायक सांसद बने हैं. इसके अलावा सपा और बसपा के एक-एक विधायक को भी जनता ने सांसद बनाया है. वहीं अशोक सिंह चंदेल को सजा मिलने के बाद हमीरपुर की सीट खाली हुई है.
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