चीन के साथ गलवान घाटी में सोमवार देर रात हुई हिंसक झड़प में शहीद हुए 20 भारतीय जवानों की शहादत पर लद्दाख से भारतीय जनता पार्टी के सांसद जमयांग सेरिंग नामग्याल ने सलाम करते हुए शहीद सैनिकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना पेश की.
लद्दाख से बीजेपी सांसद जमयांग सेरिंग नामग्याल ने शहीदों के बलिदान पर कहा, 'मैं गलवान घाटी में भारतीय सेना के सैनिकों के अदम्य साहस और निस्वार्थ बलिदान को सलाम करता हूं. आप सभी ने मातृभूमि के लिए अपनी अंतिम सांस तक अपार साहस दिखाया. आपकी वीरता को हमेशा याद रखा जाएगा. बहादुर सैनिकों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदना.'
शहीदों के नाम जारी
बता दें कि लद्दाख के पास गलवान घाटी में सोमवार को हुई हिंसक झड़प में भारत के एक कमांडिंग अफसर समेत 20 जवान शहीद हो गए थे. भारतीय सेना की ओर से मंगलवार शाम को इसकी पुष्टि की गई और आज बुधवार को सभी शहीदों के नाम जारी कर दिए गए.
लद्दाख सांसद का सीमाई इलाके का दौरा
दूसरी ओर, चीन के साथ विवाद के बीच लद्दाख के सांसद जमयांग सेरिंग नामग्याल ने पिछले हफ्ते सीमाई इलाके का दौरा किया था. पैंगोंग झील इलाके के आसपास सीमाई गांवों में 3 दिन का दौरा करने के बाद लौटे सांसद नामग्याल ने जानकारी दी कि कैसे चीन ने बॉर्डर पर दूसरी तरफ बाहर से लोगों को लाकर बसा दिया है.
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बीजेपी सांसद ने इंडिया टुडे के न्यूजट्रैक कार्यक्रम में सीमावर्ती क्षेत्रों के भारतीय ग्रामीणों से बातचीत के आधार पर बताया कि चीन ने अपनी सीमा में कैसे प्रवासियों को लाकर बसा दिया है. लद्दाख के डेमचोक गांव के सामने चीन ने अपनी साइड नया डेमचोक गांव बसा दिया है, जो पहले कभी नहीं था. चीन ने वहां 13 मकान बनाए हैं और सड़क व टेलीकॉम की सुविधा भी शुरू कर दी है.
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लद्दाख सांसद नामग्याल ने इस पर अफसोस जताया कि लद्दाख सीमा के पास भारतीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि चीन वहां किसी भी प्रकार के विकास कार्य का विरोध करता है.
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