केरल प्लेन क्रैश में जान गंवाने वाले को-पायलट 15 दिन बाद बनने वाले थे पिता

अखिलेश कुमार उत्तर प्रदेश के मथुरा के रहने वाले हैं. उनकी पत्नी मेधा गर्भवती हैं और उनके यहां मात्र 15 से 17 दिनों में नया मेहमान आने वाला है. घटना के बाद अखिलेश के पैतृक गांव मोहनपुर में हाहाकार मचा है.

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कोझिकोड में क्रैश एअर इंडिया के सह पायलट अखिलेश कुमार (फोटो-एएनआई) कोझिकोड में क्रैश एअर इंडिया के सह पायलट अखिलेश कुमार (फोटो-एएनआई)

aajtak.in

  • मथुरा,
  • 08 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 5:28 PM IST

  • मथुरा के रहने वाले थे सह पायलट अखिलेश
  • 15 दिन बाद है पत्नी की डिलीवरी
  • नियति ने छीन ली परिवार की खुशियां

केरल के कोझिकोड विमान हादसे में जान गंवाने वाले सह पायलट अखिलेश कुमार की पत्नी गर्भवती थीं. 15 दिन के बाद ही उनकी डिलीवरी होनी थी, लेकिन क्रूर नियति ने इस परिवार की सारी खुशियां छीन ली. अब इस परिवार में चीख पुकार है और बेटे की यादें हैं. अखिलेश की पत्नी बदहवास और बेसुध हैं.

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नहीं रहे सह पायलट अखिलेश

शुक्रवार को कालिकट एयरपोर्ट पर दुबई से कोझिकोड आ रहा एअर इंडिया एक्सप्रेस का विमान लैंड हो रहा था तो तेज बारिश हो रही थी. इसी बारिश के बीच विमान के 59 साल के कैप्टन दीपक वसंत साठे और 33 साल के उनके सह-पायलट अखिलेश कुमार प्लेन को लैंड कराने की पूरी कोशिश कर रहे थे.

टेबलटॉप रनवे की खतरनाक लैंडिंग

तेज बारिश से लैंडिंग में काफी परेशानी थी. इसके अलावा ये खतरनाक माने जाने वाला टेबलटॉप रनवे थे. लैंडिंग की दो कोशिश नाकाम हो गई. तीसरी कोशिश के दौरान प्लेन रनवे पर फिसल गया और तेज गति में रनवे को पार करते हुए 35 फीट गहरी खाई में विमान गिर गया. पल भर में प्लेन के दो हिस्से हो गए.

पढ़ें- विमान हादसा: सेफ नहीं था कोझिकोड एयरपोर्ट का रनवे, डीजीसीए ने भी दी थी चेतावनी

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हादसे के वक्त विमान में क्रू मेंबर समेत 190 लोग बैठे थे. इस हादसे में कैप्टन दीपक वसंत साठे और सह पायलट अखिलेश कुमार की मौत हो गई. घटना में अबतक 18 लोग मारे गए हैं, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हैं.

15 दिनों में आने वाला था नया मेहमान

अखिलेश कुमार उत्तर प्रदेश के मथुरा के रहने वाले हैं. उनकी पत्नी मेधा गर्भवती हैं और उनके यहां मात्र 15 से 17 दिनों में नया मेहमान आने वाला है. घटना के बाद अखिलेश के पैतृक गांव मोहनपुर में हाहाकार मचा है. अखिलेश तीन भाइयों से सबसे बड़े थे. अखिलेश कुमार कोरोना महामारी के चलते विदेशों में फंसे भारतीयों को लाने के लिए वंदे भारत मिशन में काम कर रहे थे.

पढ़ें- केरल: विमान ने आग पकड़ ली होती तो और भयावह होती कोझिकोड की त्रासदी

अखिलेश के चचेरे भाई वासुदेव ने बताया कि उन्होंने 2017 में ही एअर इंडिया ज्वाइन की थी. लॉकडाउन से पहले वो घर आए थे. वासुदेव ने बताया कि अखिलेश बेहद विनम्र, मिलनसार और दोस्ती का भाव रखने वाले व्यक्ति थे.

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