कर्नाटक फोन टैपिंग: बीजेपी नेता ने की जांच की मांग, कहा- कुमारस्वामी का हाथ

दो दिन पहले बुधवार को जनता दल सेकुलर के पूर्व नेता एएच विश्वनाथ ने जेडीएस-कांग्रेस की पिछली गठबंधन सरकार पर 300 से ज्यादा नेताओं के फोन टैपिंग और जासूसी करने के आरोप लगाए थे. विश्वनाथ जेडीएस के प्रदेश प्रमुख थे. हालांकि बगावत करने के बाद उन्हें विधानसभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया था.

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कर्नाटक में कुमारस्वामी के कार्यकाल में फोन टैपिंग कराए जाने का आरोप (फोटो-फेसबुक) कर्नाटक में कुमारस्वामी के कार्यकाल में फोन टैपिंग कराए जाने का आरोप (फोटो-फेसबुक)

नागार्जुन

  • बेंगलुरू,
  • 16 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 2:52 PM IST

कर्नाटक में नई सरकार के अस्तित्व में आने के बाद भी वहां पर सियासी हलचल थमने का नाम नहीं ले रहा. अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता एस प्रकाश ने एचडी कुमारस्वामी की पिछली सरकार पर फोन टैपिंग कराने का आरोप लगाया और कहा कि हमारी पार्टी के कई शीर्ष नेता भी इस मामले की जांच की मांग कर रहे हैं और उम्मीद है कि जांच जरूर की जाएगी. पिछले 3 दिन से राज्य में फोन टैपिंग का मामला गरमाया हुआ है.

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राज्य के बीजेपी प्रवक्ता एस प्रकाश ने कहा कि एचडी कुमारस्वामी ने गलत तरीके से फोन टैपिंग करवाया जो बताता है कि वह कितना असुरक्षित महसूस कर रहे थे. उन्होंने कहा कि ज्वाइंट कमिश्नर भी इसकी पुष्टि कर चुके हैं कि करीब 1000 फोन टैप किए गए थे. यहां तक की कांग्रेस के नेताओं के भी फोन टैप किए गए.

उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री की जानकारी के बगैर फोन टैपिंग नहीं कराई जा सकती. इस काम के लिए कुमारस्वामी और सिद्धारमैया दोषी हैं. हमारी पार्टी के कई बड़े नेता भी इसकी जांच की मांग कर रहे हैं. मुझे लगता है कि इसकी जांच होगी.

इससे पहले कर्नाटक में कांग्रेस के कुछ नेताओं ने भी पूर्व की कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार पर लगे फोन टैपिंग के आरोपों की जांच की मांग की है. पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी इन आरोपों को खारिज कर चुके हैं. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, 'मैंने सबसे पहले कहा था कि मुख्यमंत्री का पद स्थायी नहीं होता. मुझे सत्ता में रहने के लिए फोन टैप कराने की कोई जरूरत नहीं थी. मेरे खिलाफ लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं.'

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दूसरी ओर, इसी मसले पर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने भी ट्वीट के जरिए सफाई दी और कहा, 'फोन टैपिंग के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है. उन्हें पहले जांच करने दीजिए और एक्शन लेने दीजिए. फोन टैपिंग एक गंभीर मामला है और इसकी जांच की जानी चाहिए, साथ ही आरोप साबित हो जाए तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.'

दो दिन पहले बुधवार को जनता दल सेकुलर (जेडीएस) के पूर्व नेता एएच विश्वनाथ ने पूर्व की जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन सरकार पर 300 से ज्यादा नेताओं के फोन टैपिंग और जासूसी करने के आरोप लगाए थे. विश्वनाथ खुद पूर्व की कुमारस्वामी सरकार का हिस्सा रहे थे. हालांकि बगावत करने के बाद उन्हें विधानसभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया था. विश्वनाथ जेडीएस के प्रदेश प्रमुख थे.

गुरुवार को विश्वनाथ ने बिना कुमारस्वामी का नाम लिए आरोप लगाया कि उस समय के मुख्यमंत्री की जानकारी के बिना फोन टैपिंग हो ही नहीं सकती है. वहीं कुमारस्वामी सरकार में गृहमंत्री रहे एमबी पाटिल ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी मीडिया में आई खबरों के जरिए मिली और इस मामले की जांच करना जरूरी है. अगर यह सच है तो अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.

विवाद के तुल पकड़े जाने पर मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने बुधवार को ही कहा, 'मैं इस मामले की चर्चा मुख्य सचिव से करूंगा और फिर कोई कदम उठाऊंगा.' वहीं कई बीजेपी नेताओं ने इस मामले को लेकर कुमारस्वामी पर सीधे आरोप लगाए हैं.

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