जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) हिंसा (JNU Violence) के खिलाफ मैसूर यूनिवर्सिटी के छात्रों ने बुधवार शाम प्रदर्शन किया. 300 से अधिक छात्रों ने हिंसा से आजादी के नारे लगाए. इस दौरान 'फ्री कश्मीर' का भी नारा लगाया गया.
'फ्री कश्मीर' नारे और पोस्टर विवाद पर मैसूर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉक्टर जी हेमंत कुमार ने कहा कि शुरुआती जांच शुरू हो गई है. जांच के लिए समिति का गठन कर दिया गया है. सिर्फ 2 लड़के 'फ्री कश्मीर' पोस्टर के साथ दिखाई दिए थे.
उन्होंने आगे कहा कि एक युवक की पहचान भी हो गई है, लेकिन वह यूनिवर्सिटी का छात्र नहीं है. जांच समिति दूसरे युवक की पहचान में जुट गई है. पुलिस ने यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन की तस्वीरें भी उपलब्ध करा दी है.
जेएनयू हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन
इस विरोध प्रदर्शन में मैसूर यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स एसोसिएशन, दलित विद्यार्थी ओक्कुटा, बहुजन विद्यार्थी संघ, स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया और ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन के सदस्यों ने हिस्सा लिया. छात्रों के इस समूह ने दिल्ली में जेएनयू हिंसा के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया.
जेएनयू हिंसा में कुछ नकाबपोश गुंडों ने छात्रों पर हमला कर दिया जिसमें 30 से ज्यादा घायल हैं. मैसूर यूनिवर्सिटी के इस प्रदर्शन में फ्री कश्मीर के नारे लगाने के साथ ही फ्री कश्मीर के पोस्टर लगाने के भी आरोप लगे हैं.
कमिश्नर का इनकार
हालांकि 'फ्री कश्मीर' पोस्टर लगाने को लेकर मैसूर पुलिस कमिश्नर ने भी इनकार किया है. पुलिस कमिश्नर ने कहा, 'पूरे विरोध प्रदर्शन की रिकॉर्डिंग की गई थी. इस दौरान हमने कोई फ्री कश्मीर वाला पोस्टर नहीं देखा.'
उन्होंने कहा, 'मैंने अपने अधिकारियों से भी इस बारे में पूछा था. अगर मीडिया में इसके फुटेज और रिपोर्ट हैं, तो हम इस पर गौर करेंगे. पुलिस अगली कार्रवाई के बारे में जरूर सोचेगी.'
नोलान पिंटो