आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से हो रही IRCTC बेस किचन की निगरानी, मिले पॉजिटिव रिजल्ट

ट्रेन से सफर करने वाले लोगों को अकसर रेलवे के खान-पान से शिकायत रहती है. इस शिकायत के मद्देनजर IRCTC ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर खान-पान को सुधारने की कवायद शुरू कर दी है.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

दीपक कुमार / सिद्धार्थ तिवारी

  • नई दिल्ली,
  • 14 सितंबर 2018,
  • अपडेटेड 9:51 PM IST

बीते चार महीने से देशभर में इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टुरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC ) की 13 बेस किचन की निगरानी खास तरीके की तकनीक के जरिए की जा रही है. इसका सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहा है.

IRCTC के प्रवक्ता सिद्धार्थ सिंह के मुताबिक बेस किचन इस सिस्टम की निगरानी से पहले हर महीने 80 से 85 शिकायतें रेलवे के रिकॉर्ड में दर्ज होती थीं. लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करने के बाद अब यह शिकायतें महज 10 से 15 रह गई हैं.

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देशभर में 16 बेस किचन

IRCTC के मुताबिक देशभर में उनकी 16 बेस किचन है. इन किचन से शताब्दी, राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में खाने की सप्लाई की जाती है. देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद यह रसोई मैकेनाइज्ड है और यहां पर बड़ी तादाद में लोग काम करते हैं. रेलवे ने इन किचन में काम करने के तौर-तरीके बना रखे हैं. साफ-सफाई का खास ध्यान रखा जाता है लेकिन इन सबके बावजूद शिकायतें आती ही रहती हैं. इन बेस किचन में बन रहे खाने की क्वालिटी को बनाए रखना अपने आप में बड़ी चुनौती है.

यहां पर जो कारीगर खाना बनाते हैं उनको अपने सिर पर खास तरीके के कपड़े की टोपी का इस्तेमाल करना जरूरी है. इसी के साथ खाना बनाने वाले लोगों के लिए ड्रेस अनिवार्य है. हर एक खानपान की चीज का तौर-तरीका निश्चित है लेकिन इन सबके बावजूद सभी तौर-तरीकों को मुफीद ढंग से लागू करना अपने आप में बड़ी चुनौती है. इसके लिए IRCTC ने नई तकनीक का सहारा लेने का फैसला किया. यह तकनीक हाई डेफिनेशन CCTV और इनके साथ जुड़ा हुआ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सॉफ्टवेयर है.

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लाइव स्ट्रीमिंग  IRCTC  की वेबसाइट पर

सिद्धार्थ सिंह के मुताबिक देश की 13 बेस किचन में लगाए गए हाई डेफिनिशन CCTV की लाइव स्ट्रीमिंग  IRCTC  की वेबसाइट पर देखी जा सकती है. कोई भी व्यक्ति वेबसाइट पर जाकर पूरब से लेकर पश्चिम तक और उत्तर से लेकर दक्षिण तक मौजूद सभी रसोइयों की स्थिति का ताजा हाल देख सकता है. उन्होंने बताया कि किस तरह की सीसीटीवी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से काफी महत्वपूर्ण हो जाती है.

दरअसल,  फुटेज में दिखने वाले किसी भी उल्लंघन को कंप्यूटर खुद-ब-खुद पहचान कर रिपोर्ट बना लेता है. इसके बाद संबंधित अधिकारी को रिपोर्ट भेज दी जाती है.  मसलन, किसी किचन में अगर कोई जानवर या कीड़ा नजर आ रहे हैं तो कंप्यूटर उसका नाम बता देगा.

ऐसी किसी भी स्थिति में फोटो समेत टाइमिंग डालकर रिपोर्ट खुद ब खुद संबंधित उच्चाधिकारियों को पहुंच जाती है. इस पूरे सिस्टम को बेहतरीन बनाने के इरादे से नई दिल्ली में CCTV कंट्रोल रूम भी बनाया गया है. इस कंट्रोल रूम में IRCTC के कर्मचारी देशभर के सभी रसोईयों पर बारीक नजर रखते हैं.

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