भारत का 'ऑपरेशन संकल्प' शुरू, फारस की खाड़ी से जहाजों को निकालने की जिम्मेदारी

भारतीय नौसेना ने फारस की खाड़ी से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए ऑपरेशन संकल्प शुरू कर दिया है. ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ती तनातनी के मद्देनजर भारत के जरिए इस ऑपरेशन की शुरुआत की गई है.

फाइल फोटो
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 20 जून 2019,
  • अपडेटेड 9:52 PM IST

भारतीय नौसेना ने फारस की खाड़ी से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए ऑपरेशन 'संकल्प शुरू' कर दिया है. ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ती तनातनी के मद्देनजर भारत के जरिए इस ऑपरेशन की शुरुआत की गई है. इस ऑपरेशन के तहत भारतीय नौसेना के युद्धपोतों को फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी और होरमुज-स्ट्रेट से गुजर रहे भारत के जहाजों को सुरक्षित वहां से निकालने की जिम्मेदारी दी गई है.

भारतीय नौसेना के प्रवक्ता कैप्टन डी के शर्मा ने कहा कि आईएनएस चेन्नई और आईएनएस सुनयना को ओमान की खाड़ी में तैनात किया गया है. ताकि वहां से गुजरने वाले सभी भारतीय जहाज सुरक्षित अपने देश लौट सकें. इसके अलावा भारतीय नौसेना के टोही विमान भी आसमान से नजर रखें हुए हैं कि भारतीय जहाज सुरक्षित वहां से निकल सकें. कैप्टन शर्मा ने कहा कि राजधानी दिल्ली के करीब गुरूग्राम में हिंद महासागर के लिए बने इंफोर्मेशन फ्यूज़न सेंटर से भी पूरे खाड़ी-क्षेत्र पर नजर बनाए हुए हैं.

कैप्टन शर्मा ने आज बयान जारी करते हुए कहा कि भारतीय नौसेना, हिंद महासागर में भारतीय समुद्री व्यापार और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चि करने के लिए प्रतिबद्ध है और एक स्थिर और शांतिपूर्ण महासागर क्षेत्र को बनाए रखने में सहयोग कर रही है.

बता दें कि गुरूवार को ईरान ने अमेरिका के एक ड्रोन को मार गिराया था. इसके जवाब में गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने गलती कर दी है. ट्रंप के बयान के बाद से साफ है कि दोनों देशों के बीच तनाव अपने चरम पर है. इससे पहले अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में 13 जून को तेल के दो टैंकरों पर हमले के लिए ईरान पर आरोप लगाया था. हालांकि ईरान ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था.

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