हथियारों की कमी से जूझ रही थलसेना ने 40,949 एलएमजी (लाइट मशीन गन) की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी है. सेना ने खरीद के लिए रिक्वेस्ट फॉर इनफॉर्मेशन जारी कर दिया है.
28 फ़रवरी 2018 को रक्षा मंत्रालय की रक्षा खरीद समिति ने एलएमजी खरीद की मंजूरी दी थी. भारतीय सेना के लिए 40949 एलएमजी ली जानी है. 10237 लाइट मशीन गन ऑर्डिनेन्स फैक्ट्री बोर्ड से ली जाएंगी. वहीं शेष 30712 लाइट मशीन गन निजी कंपनियों से ली जाएंगी. ये गन मेक एण्ड बाय इन इंडिया के तहत ली जानी है.
सरहद पर दुश्मनों से लड़ रही भारतीय सेना पिछले कई साल से आधुनिक हथियारों की कमी से जूझ रही है. सरहद पर और देश के अंदर के दुश्मनों के खिलाफ़ ऑपरेशन को और बेहतर तरीके से अंजाम देने के लिए लंबे समय से असॉल्ट राइफलों की कमी महसूस की जा रही थी.
ऑपरेशनल जरूरतों को ध्यान में रखकर फास्ट ट्रैक प्रोसिड्यूर के तहत खरीदे जाने हैं. इससे पहले जनरल इवैल्यूशन प्रक्रिया से हथियार ख़रीदे जाते थे जिसमें ज्यादा समय लगता था. इस खरीद के लिए रक्षा मंत्रालय ने ग्लोबल प्रक्रिया के तहत खरीदने का फैसला लिया था.
गौरतलब है कि 2005 में सेना ने पहली बार अपने 382 इनफैन्ट्री बटालियनों के लिए नई असॉल्ट राइफलों और सीक्यूबी (क्लोज क्वार्टर बैटल) कार्बाइनों की मांग की थी, जबकि लाइट मशीनगनों की मांग 2009 में रखी गई थी.
सेना के तीनों अंगों के लिए कुल 72400 राइफलों में से वायुसेना के लिए 4000 राइफल, नौसेना के लिए 2000 राइफल और बाकी थल सेना के लिए होंगी. वही 93895 कार्बाइन में से वायुसेना के लिए 3400 और नेवी के लिए 1200 और बाकी थल सेना के लिए होंगी.
विवेक पाठक / मंजीत नेगी