गुवाहाटी HC की टिप्पणी- पत्नी अगर सिंदूर-चूड़ी ना पहने, मतलब उसे शादी मंजूर नहीं

गुवाहाटी हाई कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि निचली अदालत ने मामले को ढंग से हैंडल नहीं किया और लापरवाही बरती.

Advertisement
गुवाहाटी हाई कोर्ट गुवाहाटी हाई कोर्ट

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 जून 2020,
  • अपडेटेड 3:58 PM IST

  • पारिवारिक मामले में हाई कोर्ट ने की टिप्पणी
  • सिंदूर से इनकार मतलब शादी मंजूर नहीं: HC

गुवाहाटी हाई कोर्ट ने एक पारिवारिक मामले में फैसला सुनाते हुए बड़ी टिप्पणी की. अदालत ने कहा कि अगर पत्नी की ओर से सिंदूर और चूड़ी पहनने से इनकार किया जा रहा है, तो उसे शादी से इनकार समझा जाए. ऐसा कहते हुए अदालत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान व्यक्ति को पत्नी से तलाक लेने की इजाजत दे दी.

Advertisement

समाचार एजेंसी पीटीआई की खबर के मुताबिक, हाई कोर्ट में एक पारिवारिक मामले की सुनवाई थी जिसमें एक पति ने अपनी पत्नी से तलाक लेने की अर्जी डाली थी. इस मामले की सुनवाई गुवाहाटी हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस अजय लांबा, जस्टिस सौमित्रा कर रहे थे. पहले ये मामला एक डिविजनल कोर्ट में था, जिसमें पति को तलाक लेने की इजाजत नहीं मिली थी.

हाईकोर्ट ने इस मामले में पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘…पत्नी का चूड़ी और सिंदूर लगाने से इनकार करना उन्हें ऐसा दर्शाता है कि वो शादीशुदा नहीं हैं या फिर वो शादी को स्वीकार नहीं करना चाहती हैं. इस तरह की कोशिशें साफ दर्शाती हैं कि महिला इस शादी में खुश नहीं है और वह अपने पति के साथ आगे का जीवन नहीं बिताना चाहती है.’’

अदालत ने इस मामले का फैसला 19 जून को लिखा. दरअसल, जिस जोड़े का ये मामला था उनकी 2012 में शादी हुई थी. शुरुआत में ही दोनों में अनबन शुरू हो गई और 2013 के बाद से ही वो अलग रह रहे थे. महिला की ओर से पुलिस में शिकायत की गई थी. इसमें पति और ससुराल वालों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था.

Advertisement

हाई कोर्ट ने इस मामले में निचली अदालत पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कोर्ट ने बयानों पर गौर नहीं किया. हालांकि, ये आरोप प्रमाणित नहीं हो पाए थे.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement