सरकार ने इस महीने की शुरुआत में लॉकडाउन के दौरान स्पेशल राजधानी टाइप ट्रेनें चलाने का जैसे ही ऐलान किया, देश में रेल ई-टिकटिंग का बदनाम ब्लैक मार्केट फिर जोरशोर से एक्शन में आ गया. इंडिया टुडे की स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (SIT) की जांच से ये सामने आया है.
घर लौटने के लिए परेशान फंसे यात्री जहां पहले से ओवरलोडेड बुकिंग पोर्टल्स से जूझ रहे हैं, वहीं टेकनीक के जानकार स्ट्रीट एजेंट्स और दलाल बल्क में ट्रेन सीट रिजर्व करा रहे हैं. फिर उन्हें ज़रूरतमंदों को मोटे प्रीमियम पर उपलब्ध करा चांदी कूट रहे हैं.
12 मई के बाद से 30 स्पेशल ट्रेन चल चुकी हैं. इनके जरिए दिल्ली, मुंबई, तिरुअनंतपुरम, चेन्नई, बेंगलुरु, सिकंदराबाद, भुवनेश्वर, कोलकाता, पटना, रांची, गुवाहाटी, अगरतला और अन्य अहम शहरों के लिए रेल संपर्क उपलब्ध कराया गया है. इन ट्रेन के लिए राजधानी जितना किराया है. साथ ही इनकी ऑनलाइन बुकिंग सिर्फ़ लॉकडाउन अवधि के लिए ही की जा रही है.
लॉकडाउन में प्रोफि-टिकटिंग
दिल्ली के पहाड़गंज में ‘बुक इंडिया ट्रिप’ के टूर ऑपरेटर कृष्ण कांत से हमारे अंडर कवर रिपोर्टर ने रांची जाने वाले यात्री के तौर पर बात की तो उसने ई-टिकट ब्लैक में देने की पेशकश की. रिपोर्टर ने कांत से कहा, "हमने कोशिश की लेकिन खुद बुकिंग कराने में नाकाम रहे." एजेंट ने जवाब दिया- "यदि आप अपने बूते टिकट बुक करा सकते तो क्या हमें अपनी दुकान बंद नहीं करनी पड़ेगी?"
कांत ने यह बताने से इनकार किया कि IRCTC की वेबसाइट से आरक्षण कैसे सुनिश्चित किया जाता है जबकि आम यात्री जूझता रहता है. इसकी जगह उसने कहा, “मैं रेसिपी नहीं बताऊंगा लेकिन स्वादिष्ट खाने का वादा करता हूं.” एजेंट ने रांची के लिए एक 3AC सीट के 4,000 रुपये मांगे जिसका असल में उस वक्त किराया 2,400 रुपये था.
एजेंट ने दावा किया कि वो कन्फर्म्ड डील की पेशकश कर रहा है. उसने पांच रिजर्वेशन की बुकिंग के लिए 20,000 रुपये मांगे. भारतीय रेलवे का ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम हैकिंग के लिए कोई अजनबी नहीं है. पहले भी टिकटों की जमाखोरी कर उन्हें ऊंचे दामों पर बेचने वाले शातिर टिकट एजेंटों और ठगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. कृष्ण कांत जैसे कई और भी इस गोरखधंधे में शामिल हैं.
जॉब पर हैकर्स?
पहाड़गंज की गलियों में सामान्य दिनों में बैकपैकर्स यात्रियों की भरमार देखी जा सकती है, यहीं ‘पैराडाइज टूअर्स एंड ट्रैवल्स’ के राजू ने दिल्ली से पटना के रिजर्वेशन के लिए 3,500 रुपये की मांग की. असल में इसके लिए 2,100 रुपये ही लगते हैं. राजू ने शेखी बधारने के लहजे में कहा, "यदि आप एक महीने तक भी खुद बुकिंग की कोशिश करते हैं तो भी कुछ हाथ नहीं लगने वाला, "ट्रेन (आरक्षण) खुलने के 40 सेकंड बाद ही हाउसफुल दिखाता है.’’
रिपोर्टर- "तो, आप इसे कैसे कराते हैं?’’
राजू- "आप इसे हम पर छोड़ दें, यह हमारा काम है. इसमें सर्वर (तक पहुंच) शामिल है. नही तो यह (रिजर्वेशन) नहीं किया जा सकता."
राजू ने 3AC कोच में पटना जाने वाले चार यात्रियों के लिए 14,000 रुपये की मांग की.
पहाड़गंज में ही ‘हिमाचल हॉलिडे टूअर्स’ के ऑपरेटर दीपक ने दिल्ली से मुंबई तक रिजर्व्ड सीट देने की पेशकश की. राजू ने 2,200 रुपये के असल किराए वाली सीट के लिए लगभग दुगने की मांग की.
दीपक- "एक टिकट पर आपको कम से कम 4,000 रुपये का खर्च आएगा, 3AC में चार के लिए 16,000 रुपये लगेंगे.”
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास टूर ऑपरेटर संतोष ने जम्मू के लिए छह कन्फर्म टिकट असल किराए से दोगुने पर दिलाने की पेशकश की.
रिपोर्टर- "टिकट की कीमत 1,120 रुपये है,"
संतोष ने तपाक से ऊंची आवाजा में जवाब दिया, "कोई भी टिकट 1,120 रुपये में उपलब्ध नहीं है. यह उससे ज्यादा है. मुझे जल्दी बताओ. मैं कोटे से चार सीट अभी दिला सकता हूं. 3AC कोच में यात्रा पर हर यात्री 2,000 रुपये खर्च करने होंगे.”
सरकार की ओर से एप्रूव्ड एजेंसी चलाने का दावा करने वाले ट्रैवल एजेंट बिजेंद्र की इसी कॉमर्शियल एरिया में रॉयल टूअर्स के नाम से दुकान है. बिजेंद्र ने गुवाहाटी के लिए कन्फर्म्ड रिजर्वेशन मूल किराए से दोगुने रेट पर दिलाने की पेशकश की. बिजेंद्र ने कहा, "एक सीट के लिए 5,600 रुपये देने होंगे.” उस वक्त गुवाहाटी का असल किराया 2,800 रुपये के आसपास था.
सरकार की चेतावनी
रेल मंत्री पीयूष गोयल ट्रेन टिकटों की कालाबाजारी पर पहले ही सख्त चेतावनी दे चुके हैं. उन्होंने एक बयान में कहा, “अगर कोई दलाल किसी सॉफ्टवेयर के जरिए अवैध तौर पर टिकट बेचता है तो ऐसे लोगों के खिलाफ हम सख्त कार्रवाई कर रहे हैं. ऐसे कोई भी जो टिकटों की ब्लॉकिंग करके कालाबाजारी करते हैं या फर्जी आईडी का इस्तेमाल करते हैं. ऐसी टिकट पाए जाने पर यात्री को भी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. हम यात्रियों से आग्रह करते हैं कि अगर कोई दलाल उनसे संपर्क करता है और कहता है कि वो उनके लिए अतिरिक्त पैसा देने पर टिकट बुक कर सकता है या और कुछ भी कहता है तो इसकी सूचना कम्पलेंट नंबर पर दें या रेलवे को लिखे जिससे कि हम इसे रोक सकें. हम दलालों पर कड़ी नजर रख रहे हैं. यात्रियों को भी ऐसे टिकट के कैंसलेशन का सामना करना पड़ेगा.”
जमशेद खान / नितिन जैन / मो. हिज्बुल्लाह