दिल्ली हाईकोर्ट ने एआईएडीएमके से निष्कासित और पूर्व राज्यसभा सदस्य शशिकला पुष्पा की अर्जी को खारिज कर दिया है. शशिकला ने अपनी याचिका में फेसबुक, गूगल और यू-ट्यूब से वो तस्वीरें और वीडियो हटाने की मांग की थी, जिससे उनकी छवि धूमिल हुई है.
हाईकोर्ट ने शशिकला की अर्जी को खारिज करते हुए कहा कि वह नेता हैं और जनता द्वारा चुनी गई नेता होने के नाते जनता को ये जानने का पूरा हक है कि वो किससे मिलती हैं. जनता को यह जानने का पूरा हक है कि बंद दरवाजों के पीछे उनके नेता किस नेता से मिल रहे हैं. शशिकला द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट में लगाई गई अर्जी में कहा गया था कि सोशल मीडिया साइट पर उनकी छवि को खराब करने के लिए यह फोटो और वीडियो डाले गए हैं.
हाईकोर्ट ने शशिकला को जुर्माना भरने के लिए कहा
शशिकला की तरफ से अर्जी लगाई गई थी कि इन वीडियो का गलत इस्तेमाल करके उनकी छवि को खराब करने की कोशिश तो की ही जा रही है साथ ही उनको जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है. शशिकला की तरफ से दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका 2016 में लगाई गई थी. उन पर आरोप लगे थे कि अपने घर में उन्होंने उस व्यक्ति के साथ मीटिंग की जो विरोधी पार्टी से जुड़ा हुआ था.
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हाईकोर्ट ने उनकी अर्जी को खारिज करते हुए कहा कि जनता के प्रतिनिधि होने के नाते यह जनहित में नहीं होगा कि वह इस बात को छुपाएं कि वह किसी विपक्षी पार्टी के नेता से अपने ही घर में मिल रही हैं. दिल्ली हाईकोर्ट ने शशिकला पुष्पा को फेसबुक, यू-ट्यूब और गूगल को दो-दो लाख रुपए का जुर्माना भरने का भी आदेश दिया है.
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शशिकला 2016 में डीएमके के सांसद के साथ विवाद में शामिल रही थीं और उन पर सांसद को थप्पड़ मारने का आरोप लगा था. इस घटना के बाद एआईएडीएमके सुप्रीमो और तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था. पार्लियामेंट में उन्होंने तमिलनाडु में खुद को असुरक्षित होने की बात कहकर सुरक्षा भी मांगी थी. हाल ही में शशिकला पुष्पा फरवरी में बीजेपी में शामिल हो गई हैं.
पूनम शर्मा