BT माइंडरशः उद्योग जगत के दिग्गजों ने माना- वर्तमान में मंदी, खपत बढ़ते ही सुधरेगी स्थिति

इंडिया टुडे ग्रुप के सालाना बिजनेस इवेन्ट माइंडरश के 7वें संस्करण में पावर पैनल विषय पर आयोजित गोष्ठी में उद्योग जगत के कई दिग्गजों ने माना कि वर्तमान अर्थव्यवस्था में मंदी जरूर है. बाजार में गिरावट भी आई है, क्योंकि खपत में कमी आई है.

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इंडिया टुडे ग्रुप के माइंडरश कार्यक्रम में शामिल CEOs इंडिया टुडे ग्रुप के माइंडरश कार्यक्रम में शामिल CEOs

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 11:19 PM IST

  • दीर्घकालिक नीतियों की मान्यता की आवश्यकताः कानिची अयुकावा
  • इन परिस्थितियों में खुद को और मजबूत करने की जरूरत: अनिल गुप्ता

इंडिया टुडे ग्रुप के सालाना बिजनेस इवेन्ट माइंडरश के 7वें संस्करण में पावर पैनल विषय पर आयोजित गोष्ठी में उद्योग जगत के कई दिग्गजों ने माना कि वर्तमान अर्थव्यवस्था में मंदी जरूर है. बाजार में गिरावट भी आई है, क्योंकि खपत में कमी आई है. नेस्ले इंडिया के सीएमडी सुरेश नारायणन का कहना है खपत बढ़ाने के लिए लोगों के हाथों में पैसा होना चाहिए जिसे खर्च करने के लिए वो बाजार में आएं और तभी अर्थव्यवस्था में सुधार आएगा.

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नेस्ले इंडिया के सीएमडी सुरेश नारायणन ने कहा, 'जो हमने देखा है, उससे लगता है कि हां, मंदी है. बड़ी तेजी से खपत में गिरावट आई है, लेकिन कभी-कभी बतौर भारतीय हम खुद बदतर स्थिति की बात करते हैं जो कि वास्तविक है. खपत में कमी आई है, हमें इसे याद रखने की जरूरत है कि अभी की स्थिति क्या है. बाजार में गिरावट आई है. अभी काफी दिक्कतें हैं, कई मोर्चों पर संघर्ष है. लेकिन भारत बहुत बड़ा खपत का बाजार है. मैं अर्थव्यवस्था को लेकर बेहद आशावादी हूं.'

सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था को लेकर टाइटन के सीएमडी भास्कर भट ने कहा कि भारतीय बेहतर जीवन और लाइफस्टाइल के लिए प्रयासरत हैं और वो भारतीय उपभोक्ता जो समाचार पत्र और बिजनेस मैगजीन पढ़ता है उसे मालूम है कि देश की अर्थव्यवस्था गिरी हुई है.

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वर्तमान हालात पर मारुती सुजुकी के एमडी और सीईओ कानिची अयुकावा ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था और यहां के बाजार को अच्छी तरह से जानता हूं. ऑटोमोबाइल सेक्टर में भारत एक बहुत बड़ा बाजार है, हमें इससे काफी उम्मीद है. हम यहां काफी निवेश कर रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि ऑटोमोबाइल कारोबार में भारत सबसे अधिक आशाजनक बाजार है. हम इस बाजार में लगातार निवेश कर रहे हैं. ऑटोमोबाइल व्यवसाय में यह हमेशा अच्छा समय और बुरा समय होता है. इसलिए, मैं निराशावादी नहीं हूं. हमारी अक्टूबर और दिसंबर की बिक्री बेहतर रही है.

आधा गिलास भरा हुआः अनिल 

हॉवेल्स इंडिया के सीएमडी अनिल राय गुप्ता ने कहा कि मुझे लगा रहा है कि मेरी कंपनी अच्छा कर रही है. में अपनी कंपनी को लेकर आशान्वित हूं. कंपनी को संकट का सामना करते रहना चाहिए होता है ताकि वह ग्रोथ कर सके. वर्तमान अर्थव्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि मैं हमेशा मानता हूं कि आधा गिलास भरा हुआ है.

मंदी को लेकर अनिल राय गुप्ता ने कहा कि पिछले कुछ सालों में हम मंदी की आहट महसूस करते रहे हैं लेकिन यह ऐसा दौर होता है कि जब खुद को और मजबूत करने और निवेश को सही क्षेत्रों में लगाने का पर्याप्त अवसर होता है.

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नेस्ले इंडिया के सुरेश नारायणन कहते हैं कि आज की स्थिति खपत की समस्या के कारण बनी है. लोगों के हाथों में पैसा रखिए तो फिर से खपत बढ़ेगा और बाजार की स्थिति सुधरेगी.

अनिल राय गुप्ता ने कहा कि उपभोक्ता कई तरह के होते हैं, मुझे लगता है कि इस समय हर कोई भारत को अलग तरह से सोचता है.

मारुती सुजुकी के एमडी और सीईओ कानिची अयुकावा ने कहा कि जब हम बिजनेस को प्रोत्साहित करते हैं, तो हम स्वचालित रूप से रोजगार बढ़ा रहे हैं. हम सरकार के साथ बात कर रहे हैं कि इसे कैसे प्रोत्साहित किया जाए.

तकनीक से उत्पादकता बढ़ीः भास्कर

टाइटन के सीएमडी भास्कर भट ने कहा कि जीएसटी की दरें और बीएस- VI मानदंड कुछ ऐसे कारण हैं जिनसे लोग वाहन खरीदने पर जोर दे रहे हैं. अभी भी ऐसे कई सेगमेंट हैं जिनकी कंपनियों को खोज करने और उसके अनुसरण करने की आवश्यकता है. जीएसटी के साथ हम अधिक कुशल हो गए हैं. तकनीक ने इसमें अहम रोल निभाया है, कम्युनिकेशन की लागत में कमी आई है और ऑटोमेशन जैसी कई नई चीजों के आने से उत्पादकता में बढ़ोतरी हुई है.

सुरेश नारायणन ने कहा कि पिछला साल नेस्ले के लिए भारत तेजी से आगे बढ़ने वाला बाजार था, मुझे विश्वास है कि जल्द ही खपत की कहानी शुरू होगी और लोग बाजार की ओर आएंगे और चीजों पर खर्च करेंगे.

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मारुती सुजुकी के एमडी और सीईओ कानिची अयुकावा ने कहा कि जब हम बाजार में एक नया उत्पाद लॉन्च करना चाहते हैं, तो हमें 4-5 साल लगते हैं. इसलिए, हमें दीर्घकालिक नीतियों की मान्यता की आवश्यकता है. जब नीति अचानक बदल जाती है, तो यह मददगार नहीं होती है.

बिजनेस कॉन्क्लेव का थीम- ‘डिसरप्ट ऑर डाई’

इंडिया टुडे ग्रुप के सालाना बिजनेस इवेन्ट माइंडरश के 7वें संस्करण का आयोजन शुक्रवार, 13 दिसंबर को हुआ. यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जिस पर राजनीति और कारोबार जगत के तमाम दिग्गज उद्योग जगत का एजेंडा तय करने के लिए विचारों का आदान-प्रदान होता है. इस बार बिजनेस कॉन्क्लेव का थीम है- ‘डिसरप्ट ऑर डाई’ यानी आमूल बदलाव के लिए तैयार रहें या खत्म हो जाएं.

कॉन्क्लेव में इस बात पर मंथन हुआ कि मौजूदा आर्थिक माहौल में तेजी से हो रहे बदलाव से कारोबार जगत किस तरह से निपट रहा है. इस आयोजन का समापन मुख्य अतिथि केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के संबोधन के साथ हुआ. कार्यक्रम के समापन सत्र में बिजनेस टुडे बेस्ट सीईओ अवार्ड्स भी दिए गए.

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