असम और मणिपुर के बाद अब त्रिपुरा पर होगी अमित शाह की नजर

उत्तर-पूर्व के राज्यों में असम और मणिपुर के बाद अब बीजेपी की नजर अगले साल चुनाव में उतर रहे त्रिपुरा पर है जहां संगठन को मजबूती देने और बीजेपी की सरकार बनाने के लिए जमीन तैयार करने के लिए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह 6 और 7 मई को दौरा करेंगे.

Advertisement
अमित शाह अमित शाह

रीमा पाराशर

  • नई दिल्ली,
  • 06 मई 2017,
  • अपडेटेड 7:14 AM IST

उत्तर-पूर्व के राज्यों में असम और मणिपुर के बाद अब बीजेपी की नजर अगले साल चुनाव में उतर रहे त्रिपुरा पर है जहां संगठन को मजबूती देने और बीजेपी की सरकार बनाने के लिए जमीन तैयार करने के लिए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह 6 और 7 मई को दौरा करेंगे.

राज्य में विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरूआत में हैं. 60 सीटों वाली विधानसभा में इस बार भाजपा की कोशिश 1988 से सत्ता में रहे मानिक सरकार के हाथ से कमान छीन कर कॉम्युनिस्ट राज को खत्म करने की है. हालांकि अमित शाह के लिए ये काम इतना आसान नहीं है क्योंकि आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 50 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें से 49 सीटों पर भाजपा की जमानत जब्त हो गई थी वहीं सीपीएम ने 55 सीटों पर चुनाव लड़कर 49 सीटें जीती थीं तो कांग्रेस ने 48 सीटों पर चुनाव लड़कर 10 सीटें जीती थीं.

Advertisement

पार्टी का दावा है कि त्रिपुरा में पार्टी का जनाधार बढ़ रहा है. इस बात का अंदाजा पार्टी की सदस्यता से लगाया जा सकता है. जो साल 2014 में 15,000 से बढ़कर इस साल 2 लाख से ज्यादा हो गई है.

अमित शाह अपने दो दिन के दौरे के दौरान चुनावी रणनीति का खाका तैयार करेंगे. इसके लिए संगठन के नेताओं की बैठक लेंगे, बुद्धिजीवियों से मुलाकात करेंगे, त्रिपुरा में चुनावी रैली करेंगे और संघ के प्रचारकों से समवाद करेंगे.

अमित शाह के दौरे के बाद पार्टी की योजना हर महीने एक केंद्रीय मंत्री और बीजेपी शासित राज्य के मुख्यमंत्री को त्रिपुरा में प्रचार के लिए भेजने की है. इसके लिए झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास, असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और अरुणाचल प्रदेश के पेमा खांडु के नाम तय भी किए गए हैं. ये लोग उत्तर-पूर्व के लिए केंद्र की चलाई जा रही योजनाओं को बताने का काम करेंगे.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement