राजस्थान कांग्रेस प्रभारी अजय माकन ने गहलोत सरकार के जल्द मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों पर पूरी तरह से विराम लगा दिया है. माकन ने साफ कहा है कि बजट सत्र से पहले मंत्रिमंडल विस्तार नहीं होगा, लेकिन राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा जरूर हुई है. उन्होंने कहा कि विधानसभा का बजट सत्र बुला लिया गया है और सेशन के बीच में नियुक्तियां व मंत्रिमंडल विस्तार नहीं किए जाते हैं. अजय माकन के इस बयान से सबसे ज्यादा झटका सचिन पायलट के गुट के नेताओं को लगा है, जो मंत्रिमंडल के विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों के इंतजार में बैठे हैं.
बता दें कि सचिन पायलट ने अपने समर्थक विधायकों के साथ जुलाई में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया था. पायलट ने अपने समर्थक विधायकों के साथ मानेसर के होटल में एक महीने तक डेरा जमा रखा था. इस दौरान गहलोत ने पायलट को डिप्टी सीएम और उनके समर्थक मंत्रियों को कैबिनेट से हटा दिया था. पायलट से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का पद भी छीन लिया था. गांधी परिवार के हस्तक्षेप के बाद सचिन पायलट बागी रुख त्यागकर वापस लौट आए थे.
सचिन पायलट को बागी रुख छोड़े हुए छह महीने से ज्यादा समय हो गया है, लेकिन अभी तक न तो उनके समर्थकों की गहलोत कैबिनेट में वापसी हो सकी है और न ही अभी तक पायलट को कोई पद मिला है. यही वजह है कि सचिन पायलट गुट के लोग जल्द मंत्रिमंडल विस्तार का लगातार दबाव बना रहे हैं, लेकिन गहलोत इस मूड में दिख नहीं रहे. माकन ने गहलोत के मन की बात कह कर पायलट गुट को झटका दे दिया है.
अजय माकन से बुधवार को जब पूछा गया कि गहलोत सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार कब होगा? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बजट सत्र बुला लिया गया है. सेशन के बीच में नियुक्तियां, मंत्रिमंडल विस्तार कभी नहीं होता. बजट के दौरान तो मंत्रिमंडल विस्तार या मंत्रिमंडल नहीं बनता है. जब बजट आ रहा है तो नए मंत्री कैसे आ सकते हैं. मंत्रियों को प्रश्नों की तैयारी करनी रहती है. इन सारी चीजों को देखते हुए जो कभी नहीं हुआ वह अब कैसे होगा?
अजय माकन के बयान से यह साफ है कि बजट सत्र तक तो फिलहाल गहलोत मंत्रिमंडल विस्तार टल गया है. आगे भी कब होगा इसकी पुख्ता तारीख नहीं बतायी गई है. मंत्रिमंडल विस्तार लंबा खिंचने की संभावना इसलिए भी है कि बजट सत्र खत्म होने तक राज्य की चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा हो जाएगी. वहीं, दूसरी ओर अप्रैल-मई में देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं.
अशोक गहलोत केरल विधानसभा के लिए कंग्रेस के ऑर्ब्जवर हैं, जहां वो टिकट से लेकर तमाम तरह की तैयारियों के देखने का काम करेंगे. हाल ही में उन्होंने दो दिन का केरल दौरा भी किया था. विधानसभा चुनाव को औपचारिक ऐलान के बाद उनकी सक्रियता और भी बढ़ जाएगी. ऐसे में केरल चुनाव पूरे होने के बाद तक मंत्रिमंडल विस्तार टल सकता है, जो एक तरह से पायलट गुट के लिए राजनीतिक तौर पर झटका माना जा रहा है.
हालांकि, माकन ने कहा कि सभी पार्टी पदाधिकारियों से जिला स्तर की राजनीतिक नियुक्तियों के लिए नाम मांगे गए हैं. 10 फरवरी तक सभी पदाधिकारियों से सूची देने को कहा है और सभी पदाधिकारियों को एक प्रोफार्मा भी दिया गया है. माकन ने 15 फरवरी तक कुछ राजनीतिक नियुक्तियां करने का दावा किया. हालांकि, माकन ने पहले 31 जनवरी तक राजनीतिक नियुक्तियों का काम पूरा करने का बयान दिया था लेकिन अब उस बयान से यू-टर्न ले लिया है. ऐसे में देखना है कि पायलट गुट के नेताओं को राजनीतिक नियुक्तियों में क्या मिलता है?
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