पटाखों ने चंडीगढ़ की हवा में भी घोला जहर, 500 तक पहुंचा एयर क्वालिटी इंडेक्स

दिवाली के त्योहार पर रविवार रात को पटाखे फोड़े जाने से चंडीगढ़ में भी वायु प्रदूषण का स्तर बहुत बढ़ गया है. यहां हवा की गुणवत्ता ‘खराब’ से ‘गंभीर’ के स्तर पर पहुंच गई है. दिवाली पर पटाखे फोड़े जाने के बाद यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 500 तक पहुंच गया.

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प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटोः PTI) प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटोः PTI)

मनजीत सहगल

  • चंडीगढ़,
  • 28 अक्टूबर 2019,
  • अपडेटेड 7:07 PM IST

  • दिवाली के एक दिन पहले 237 था AQI
  • प्रदूषण के स्तर ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता

दिवाली के त्योहार पर रविवार रात को पटाखे फोड़े जाने से चंडीगढ़ में भी वायु प्रदूषण का स्तर बहुत बढ़ गया है. यहां हवा की गुणवत्ता ‘खराब’ से ‘गंभीर’ के स्तर पर पहुंच गई है. दिवाली पर पटाखे फोड़े जाने के बाद यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 500 तक पहुंच गया.

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बता दें कि जब AQI 400 से 500 के बीच पहुंच जाता है तो यह स्वस्थ लोगों को भी प्रभावित करता है. जिन लोगों को सांस संबंधी दिक्कतें हैं, उनके लिए तो स्थिति विकट हो जाती है. चंड़ीगढ़ में शनिवार को AQI 237 था, जिसका मतलब कि चंडीगढ़ में हवा की गुणवत्ता खराब थी. इस तरह की हवा में लंबे समय तक रहने से अधिकतर लोगों को सांस संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं.

पिछली दिवाली के बाद 311 पहुंच गया था AQI

दिवाली का त्योहार बीतने के बाद चंडीगढ़ में वायु प्रदूषण का स्तर काफी ऊंचा (AQI करीब 500) हो गया. बीते साल दिवाली के बाद चंडीगढ़ में AQI 311 रिकॉर्ड किया गया था. पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने रात 8 बजे से 10 बजे के बीच ही पटाखे फोड़ने की इजाजत दी थी. ऐसे में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंचने से चंडीगढ़ प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है.

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महीने की शुरुआत में 58 था AQI

इस महीने के शुरू में 1 अक्टूबर, 2019 को चंडीगढ़ में AQI 58 रिकॉर्ड किया गया था, लेकिन 28 अक्टूबर तक स्थिति काफी खराब हो गई. जैसे-जैसे पारा गिरने से मौसम में ठंडक बढ़ रही है, हरियाणा और पंजाब में किसानों ने पराली जलाना भी शुरू कर दिया है.

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