रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी का बुधवार को कोरोना से निधन हो गया. सुरेश अंगड़ी का जाना बीजेपी के लिए बड़ी क्षति है. वह कर्नाटक में बीजेपी के कद्दावर नेता थे. सुरेश अंगड़ी बेलगाम से सांसद थे. क्षेत्र में उनका दबदबा था. वह 4 बार यहां के सांसद बने. 2004 से लगातार वो सांसद चुने जा रहे थे. उन्हें कर्नाटक बीजेपी के बड़े चेहरों में से एक गिना जाता था.
बेलगाम के कोप्पा गांव के लिंगायत परिवार में जन्मे सुरेश अंगड़ी 2004, 2009, 2014 और 2019 में चुनाव जीतकर संसद पहुंचे. वह लगातार बेलगाम लोकसभा सीट से चुनाव जीतते आ रहे थे. बेलगाम की जनता ने कभी उन्हें निराश नहीं किया. सुरेश अंगड़ी कम उम्र में ही RSS से जुड़ गए थे. उनके राजनीतिक करियर में सबसे अहम मोड़ तब आया, जब उन्हें बीजेपी का बेलगाम का जिला उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया.
2004 में पार्टी ने उन्हें बेलगाम से लोकसभा का टिकट दिया. सुरेश अंगाड़ी ने पार्टी को निराश नहीं किया और पहले ही चुनाव में उन्होंने जीत हासिल की. बेलगाम में सुरेश अंगड़ी की जीत का सिलसिला 2019 तक जारी रहा. वो 2009, 2014 और 2019 के चुनावों में भी विजयी रहे.
1996 में बने उपाध्यक्ष
सुरेश अंगड़ी 1996 में पार्टी की बेलगाम जिला इकाई के उपाध्यक्ष बने. वहीं 2001 में उन्हें जिला इकाई के अध्यक्ष के रूप में नामित किया गया और तब तक उस पद पर बने रहे जब तक कि उन्हें लोकसभा चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार के रूप में नामित नहीं किया गया.
सुरेश अंगड़ी के एक दोस्त बताते हैं कि वो (सुरेश अंगड़ी) उत्तर कर्नाटक में खासतौर से बेलगाम में शैक्षणिक संस्थान स्थापित करना चाहते थे. अपने गांव केके कोप में स्कूलों और कॉलेजों का निर्माण करने के अलावा, उन्होंने कुछ साल पहले बेलगाम में एक इंस्टीट्यूट की स्थापना की थी.
2004 में अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही बीजेपी बेलगाम की 18 विधानसभा सीटों में से अधिकांश पर जीत हासिल करते आ रही है. बेलगाम से बीजेपी के पहले सांसद चुने गए बीजी पाटिल को वाजपेयी के मंत्रिमंडल में ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में शामिल किया गया था. हालांकि, पार्टी ने 2004 के चुनाव में बेलगाम से सुरेश अंगड़ी को मैदान में उतारने का फैसला किया.
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