जम्मू-कश्मीर के निर्दलीय सांसद अब्दुल राशिद शेख उर्फ इंजीनियर राशिद को फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है. संसद के मानसून सत्र में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत और दिल्ली आने-जाने के खर्च पर आपत्ति को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई मंगलवार को होनी थी, लेकिन यह टल गई. कोर्ट ने अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 31 जुलाई की तारीख तय की है.
दरअसल, मंगलवार को इंजीनियर राशिद के वकील भारी बारिश और ट्रैफिक जाम की वजह से अदालत नहीं पहुंच पाए, जिसके चलते सुनवाई स्थगित कर दी गई. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह मामला पहले भी विचाराधीन रह चुका है. कोर्ट ने कहा, "आपको पूर्व में कुछ शर्तों के साथ अंतरिम जमानत दी गई थी, आप चाहें तो पहले वाली बेंच के सामने संशोधन याचिका रखें. यह भविष्य के सभी सत्रों के लिए लागू हो सकता है."
कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इस मामले में न्यायिक अनुशासन का पालन ज़रूरी है. एक बार जब एक डिवीजन बेंच ने किसी मुद्दे पर फैसला ले लिया है, तो हम उसी फैसले को मानते हैं. आप चाहते हैं कि आदेश लिखित में दिया जाए, तो हम दे देंगे.
कोर्ट ने यह भी कहा कि राशिद की ओर से दायर संशोधन याचिका पिछले तीन महीनों से लंबित है, लेकिन कोई प्रयास नहीं किया गया. कोर्ट ने कहा, "आप खुद कार्यवाही में देरी करते हैं और फिर कोर्ट पर दबाव डालने की कोशिश करते हैं."
गौरतलब है कि इंजीनियर राशिद फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं और उन्होंने संसद सत्र में भाग लेने के लिए अंतरिम ज़मानत के साथ ही यात्रा व्यय वहन करने के आदेश को चुनौती दी है. अब इस याचिका पर अगली सुनवाई 31 जुलाई को होगी.
अनीषा माथुर