येदियुरप्पा के खिलाफ बीजेपी विधायक ने खोला मोर्चा, कहा- जल्द ही CM बदलने वाले हैं

बीजेपी विधायक बासनगौड़ा पाटिल यतनाल मुख्यमंत्री येदियुरप्पा को बदलने की मांग कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया है कि पार्टी आलाकमान भी येदियुरप्पा से नाराज हैं और जल्द ही उनकी जगह उत्तरी कर्नाटक क्षेत्र के इलाके से किसी नेता को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा. इसके लिए कर्नाटक बीजेपी मुख्यमंत्री के खिलाफ बयानबाजी के लिए विधायक यतनाल को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांग सकती है.

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सीएम बीएस येदियुरप्पा और बीजेपी विधायक बासनगौड़ा पाटिल यतनाल सीएम बीएस येदियुरप्पा और बीजेपी विधायक बासनगौड़ा पाटिल यतनाल

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 21 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 4:05 PM IST
  • कर्नाटक सीएम के खिलाफ बीजेपी विधायक
  • बासनगौड़ा पाटिल यतनाल दो बार सांसद रहे
  • वाजपेयी सरकार में यतनाल रेल राज्यमंत्री थे

कर्नाटक में बीजेपी विधायक बासनगौड़ा पाटिल यतनाल ने मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. यतनाल मुख्यमंत्री येदियुरप्पा को बदलने की मांग कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया है कि पार्टी आलाकमान भी येदियुरप्पा से नाराज हैं और जल्द ही उनकी जगह उत्तरी कर्नाटक क्षेत्र के इलाके से किसी नेता को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा. इसके लिए कर्नाटक बीजेपी मुख्यमंत्री के खिलाफ बयानबाजी के लिए विधायक यतनाल को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांग सकती है.

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कर्नाटक के बीजापुर से बीजेपी विधायक बासनगौड़ा पाटिल यतनाल ने सीएम येदियुरप्पा पर आरोप लगाया कि वह सिर्फ शिवामोगा क्षेत्र के लिए ही काम करते हैं. उन्होंने कहा है कि राज्य के अधिकतर नेता मुख्यमंत्री के शासन से खुश नहीं हैं. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा था कि क्या मांड्या, चामराजनगर और कोलार जैसे दक्षिणी जिलों में बीजेपी को किसी ने वोट दिया. 

उन्होंने कहा कि उत्तरी कर्नाटक में बीजेपी को ज्यादा संख्या में सीटें मिली हैं और उन्हीं की वजह से सरकार बनी है. ऐसे में अब कर्नाटक के मुख्यमंत्री की कुर्सी उत्तरी कर्नाटक के किसी पार्टी नेता को मिलनी चाहिए. हालांकि, प्रदेश बीजेपी ने येदियुरप्पा को हटाने संबंधी खबरों को खारिज किया था. ऐसे में अब बीजेपी के विधायक के मोर्चा खोलने के बाद पार्टी नोटिस देकर दवाब तलब करना चाहती है. 

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जानें कौन है विधायक यतनाल 

बासनगौड़ा पाटिल यतलना ने अपना राजनीतिक सफर बीजेपी से शुरू किया था. 1994 में वो पहली बार बीजापुर विधानसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर विधायक चुने गए थे. इसके बाद 1999 के लोकसभा चुनाव में बीजापुर संसदीय सीट से बीजेपी के टिकट पर जीतकर संसद पहुंचे और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में कपड़ा उद्योग मंत्री बने. इसके बाद उन्होंने 2002 से लेकर 2004 तक रेलवे राज्यमंत्री का पद भी संभाला. 

यतनाल बीजापुर सीट से 1999 से 2009 तक लगातार दो बार सांसद रहे, लेकिन 2009 के चुनाव में बीजेपी ने उन्हें टिकट नहीं दिया. इसके बाद उन्होंने 2010 में बीजेपी का दामन छोड़कर जनता दल (सेक्युलर) का हाथ थाम लिया था. हालांकि, उन्होंने एक साल बाद ही वह जेडीएस छोड़कर निर्दलीय एमएलसी चुने गुए. इसके बाद साल 2013 में बीजेपी में वापसी कर गए. 2018 के विधानसभा चुनाव में दोबारा से बीजापुर सीट से विधायक चुने गए, लेकिन बीएस येदियुरप्पा की कैबिनेट में जगह नहीं मिल सकी है. ऐसे में उन्होंने अब सीएम येदियुरप्पा के बदलने का मोर्चा खोल रखा है. 

विवादों से विधायक का पुराना नाता
बीजेपी विधायक यतनाल का विवादों से पुराना नाता रहा है. 2018 में उन्होंने बयान दिया था कि यदि वह देश के गृह मंत्री होते तो पुलिस को बुद्धिजीवियों को गोली मारने का आदेश दे देते. उन्होंने उदारवादी और बुद्धिजीवीयों को देश विरोधी करार दिया था. यतनाल ने कहा था, 'यह लोग (बुद्धिजीवी) इस देश में रहते हैं और यहां कि सुविधाओं का इस्तेमाल करते हैं जिसके लिए हम लोग टैक्स देते हैं. इसके बाद वे भारतीय सेना के खिलाफ नारे लगाते हैं. हमारे देश को इन बुद्धिजीवियों और धर्म निरपेक्ष लोगों से किसी और के बजाए सबसे ज्यादा खतरा है. 

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इससे पहले भी बीजेपी विधायक यतनाल के उस बयान पर विवाद खड़ा हो गया था जब उन्होंने स्थानीय पार्टी के पार्षदों से मुस्लिमों की मदद ना करने के लिए कहा था. उन्होंने कहा कि मुस्लिमों की किसी तरह की मदद न की जाए. 


 

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