अब गोवा के लिए पटरियों पर दौड़ेगी वंदे भारत! जानें रूट और बाकी डिटेल्स

भारतीय रेलवे लगातार वंदे भारत ट्रेनों के नेटवर्क को बढ़ाने का कार्य कर रहा है. इसी कड़ी में अब भारतीय रेलवे द्वारा गोवा के लिए वंदे भारत ट्रेन का संचालन शुरू होने जा रहा है. आइए जानते हैं सभी जरूरी डिटेल्स.

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Vande Bharat Train (Representational Image) Vande Bharat Train (Representational Image)

मिलन शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 31 मई 2023,
  • अपडेटेड 3:58 PM IST

भारतीय रेलवे लगातार वंदे भारत ट्रेनों के नेटवर्क को बढ़ाने का कार्य कर रहा है. एक के बाद एक हर राज्य  में वंदे भारत चलने को तैयार है. इसी कड़ी में अब भारतीय रेलवे गोवा के लिए वंदे भारत ट्रेन लॉन्च करने जा रहा है. ये वंदे भारत ट्रेन मुंबई से गोवा के बीच दौड़ेगी. 03 जून को इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई जाएगी. 

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7 घंटे में तय करेगी सफर
मुंबई के मडगांव से 03 जून को इस ट्रन को हरी झंडी दिखाई जाएगी. अब मुंबई से गोवा की दूरी को 7 घंटे में तय की जा सकेगी. इस ट्रेन में 16 की जगह 8 कोच होंगे. अभी CSMT तेजस एक्सप्रेस (22120) गोवा से मुंबई तक चलती है. यह गोवा मडगांव स्टेशन (MAO) से 15:15 बजे प्रस्थान करती है और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस स्टेशन (CSMT) पर 23:55 बजे पहुंचती है. ये ट्रेन गोवा से मुंबई की दूरी 8 घंटे 40 मिनट में तय करती है. 

बता दें कि वंदे भारत एक्सप्रेस भारत में एक हाई स्पीड ट्रेन है. यह देश की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन है, जिसकी अधिकतम स्पीड 160 किलोमीटर/घंटा है. यह ट्रेन पूरी तरह भारत में डिजाइन और मैन्युफैक्चर की गई है, जिसमें 80% उत्पादों को स्वदेशी बनाया गया था. ये ट्रेनें अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं. इनमें जीपीएस आधारित सूचना सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, वैक्यूम आधारित बायो टॉयलेट, ऑटोमैटिक स्लाइडिंग डोर और हर कोच में चार आपातकालीन पुश बटन हैं.

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जून के अंत तक भारत के सभी राज्यों में होगी वंदे भारत
रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव की मानें तो जून के अंत तक भारत के सभी राज्यों को वंदे भारत की सेवा से जोड़ दिया जाएगा. इसी के साथ, अगले साल तक देश में तीन तरह की वंदे भारत ट्रेनें दौड़ेंगी. अगले साल फरवरी से मार्च के बीच देश में तीन तरह की वंदे भारत- वंदे चेयर कार, वंदे स्लीपर और वंदे मेट्रो ट्रेनें पटरियों पर दौड़ेंगी. ये स्वदेशी सेमी-हाई स्पीड ट्रेनें, शताब्दी, राजधानी और लोकल ट्रेनों की जगह लेने के लिए तैयार की जा रही हैं. इन ट्रेनों को चेन्नई में इंटीग्रेटेड कोच फैक्ट्री में बनाया जा रहा है.

 

 

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