ओडिशा के नबरंगपुर जिले में रूबेला के दो मामले सामने आए, 18 व्यक्तियों में दिखे लक्ष्ण

आदिवासी बहुल जिले के नंदाहांडी और तेंतुलीखुंटी ब्लॉक में दो मामलों का पता चला है. मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी मलाया त्रिपाठी ने कहा कि अब तक 18 व्यक्तियों में बुखार और शरीर पर चकत्ते पाए गए हैं, जो रूबेला वायरस का एक लक्षण है. हमने स्क्रब टाइफस, लेप्टोस्पायरोसिस के लिए टेस्टिंग किए हैं, लेकिन रिजल्ट में कुछ नहीं आया.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 मई 2024,
  • अपडेटेड 6:52 PM IST

ओडिशा के नबरंगपुर जिले में दो बच्चे रूबेला वायरस से संक्रमित पाए गए हैं. नबरंगपुर के प्रभारी मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी मलाया त्रिपाठी ने कहा कि आदिवासी बहुल जिले के नंदाहांडी और तेंतुलीखुंटी ब्लॉक में दो मामलों का पता चला है. उन्होंने कहा कि पांच नमूने ICMR लेबोरेटरी में टेस्टिंग के लिए भेजे गए, जिनमें से दो रूबेला जबकि एक अन्य खसरा पाया गया. स्वास्थ्य सेवा निदेशक बिजय महापात्र ने कहा कि नबरंगपुर जिले के दो ब्लॉक रूबेला से प्रभावित हुए हैं.

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न्यूज एजेंसी के मुताबिक, मलाया त्रिपाठी ने कहा कि अब तक 18 व्यक्तियों में बुखार और शरीर पर चकत्ते पाए गए हैं, जो रूबेला वायरस का एक लक्षण है. हमने स्क्रब टाइफस, लेप्टोस्पायरोसिस के लिए टेस्टिंग किए हैं, लेकिन रिजल्ट में कुछ नहीं आया. अब हमने रूबेला के लिए नमूने ICMR को टेस्टिंग के लिए भेजे हैं.

हालांकि, घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि स्थिति नियंत्रण में है. महापात्र ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की क्विक रिस्पांस टीमें और ICMR की एक अन्य टीम स्थिति पर कड़ी नजर रखते हुए पहले ही मौके पर भेज दी गई है.

क्या है रूबेला
रूबेला एक संक्रामक वायरल संक्रमण है. इससे ज्यादातर बच्चे प्रभावित होते है. उनमें जोड़ों का दर्द और चकत्ते हो जाते हैं. अगर मां गर्भावस्था की शुरुआत में संक्रमित हो जाए तो रूबेला के कारण भ्रूण की मृत्यु हो सकती है. इसके अलावा बच्चे को जन्मजात गंभीर दोष हो सकते हैं. रूबेला वायरस से होने वाली बीमारी है.

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