विपक्ष एकता का एक और प्रयास
2024 का लोकसभा चुनाव नजदीक है. पॉलिटिकल पार्टीज ने कोशिशें शुरू कर दी हैं. नई नई रननीति और संभावनाओं पर काम हो रहा है. इसी प्रयास में एक नया ग्रुप अस्तित्व में ये है. जी 8 ग्रुप. ये मोर्चा भाजपा विरोधी लेकिन कांग्रेस के सामानांतर होगा.
पिछले दिनों चेन्नई में स्टालिन की अगुवाई में इस ग्रुप की बैठक हुई थी जिसके बारे में हमने आपको बताया था. नीतीश कुमार, ममता बनर्जी, केसीआर, हेमन्त सोरेन, भगवन्त मान, केजरीवाल , एमके स्टालिन और तेजस्वी यादव, ये सारे नेता इस ग्रुप में शामिल हैं. इन सबकी जुटान का ही नाम जी8 है.
कांग्रेस के बगैर इस ग्रुप की एकता चुनावी तौर पर कितनी प्रभावी होगी – ये तो वक्त ही बताएगा. लेकिन फिलहाल ये ग्रुप किस आधार पर सफलता की उम्मीद कर रहा है , क्या स्ट्रॉंग पॉइंट्स हैं इस ग्रुप के पास जिसके आधार पर सफलता की उम्मीद है इन्हें
दक्षिण में देश की सबसे पुरानी पार्टी को मिल रहे झटकों का सिलसिला रुक नहीं रहा है. अभी कल ही पूर्व केन्द्रीय मंत्री एके एंटनी के बेटे अनिल अंटेनी के बेटे की बीजेपी में शामिल होने की खबर आई और आज फिर ऐसा ही कुछ हुआ, सुनिए 'दिन भर' में
पूर्व कांग्रेसी मुख्यमंत्री बीजेपी में शामिल
सीनियर कांग्रेस लीडर और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी आज भाजपा में शामिल हुए हैं. उन्होंने पिछले महीने ही कांग्रेस छोड़ी थी.
भाजपा जॉइन करने के बाद रेड्डी ने कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा की कांग्रेस में लगातार गलत फैसले लिए गए. एक के बाद एक गलत फैसलों के चलते सभी राज्यों में कांग्रेस कमजोर हो गई। एक कहावत है कि हमारा राजा बहुत समझदार है, वो खुद सोच नहीं पाता और किसी की सलाह नहीं सुनता है।
कांग्रेस में भी ऐसा ही है, यहाँ नेतृत्व कंट्रोल करने की पावर तो चाहता है, लेकिन जिम्मेदारी लेना और मेहनत करना नहीं चाहता.
आंध्रप्रदेश कांग्रेस के लिए ये कितना बड़ा झटका है और बीजेपी के लिए किरण कुमार रेड्डी का शामिल होना कितनी बड़ी उपलब्धि,सुनिए 'दिन भर' में
पीआईबी रखेगा सोशल मीडिया पर नज़र
फेक खबर पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने एक नया फैसला लिया है.
भारत सरकार ने अपनी ही एक एजेंसी प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो यानी पीआईबी को इस काम में लगाया है. यानी पीआईबी ने अगर किसी ख़बर या कंटेंट को फ़ेक बताया तो उसे सोशल मीडिया समेत सारे प्लेटफॉर्म्स को हटाना पड़ेगा. कहा तो उस ख़बर को सोशल मीडिया समेत सभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से हटाया जाएगा.
इस फैसले के बाद प्रतिक्रियाएं भी आई हैं. एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया समेत कई और संगठनों ने इसे एक्स्प्रेशन की आजादी का हनन बताया है. दूसरी तरफ विपक्षी पार्टीज भी इस पर हमलावर है. अब तक इस बात को लेकर दुविधा भी है कि पीआईबी किन खबरों को फ़ैक्टचेक करेगी, क्या इसमें केवल सरकार से जुड़ी खबरें होंगी या और कुछ? फ़ैक्टचेक का तरीका क्या होगा.
इस खबर के आने के बाद उन तमाम मौकों पर भी बात शुरू हो गई जब पीआईबी का फ़ैक्ट चेक ग़लत साबित हुआ था, लोग पीआईबी के पुराने फ़ैक्ट चेक्स के ट्वीट्स शेयर कर रहे हैं- इस पर हम आएंगे. लेकिन फिलहाल सरकार के फैसले पर बात.
क्या है सरकार के इस फैसले में और पीआईबी का रोल किस तरह से डिफ़ाईन किया गया है, सुनिए 'दिन भर' में
बोर्ड परीक्षा में बड़े बदलाव
NCERT की किताबों में बदलाव के बाद पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी एक और ख़बर आज आई है. सीबीएसई बोर्ड परीक्षा का पैटर्न बदलने वाला है. बोर्ड ने 2024 की परीक्षा के लिए अपनी मूल्यांकन योजना में बदलाव की घोषणा की है. ये बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों के तहत होने वाले हैं, इसे 2023-24 शैक्षणिक सत्र से लागू कर दिया जाएगा सीबीएसई के निदेशक जोसेफ एमानुएल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बोर्ड शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए परीक्षा और मूल्यांकन प्रथाओं में बदलाव की शुरुआत कर रहा है ताकि योग्यता केंद्रित शिक्षा के मूल्यांकन को रेखांकित किया जा सके.12वीं की परीक्षा को भी दो हिस्सों में लिए जाने की बात कही जा रही है, हालांकि ये अभी सुझाव है. और दसवीं की परीक्षा में 6 की जगह 8 विषयों में पास होना अनिवार्य किया जाएगा. और किस तरह के बदलाव होने हैं, सुनिए 'दिन भर' में
रोहित त्रिपाठी / जमशेद क़मर सिद्दीक़ी