PM Wani योजना पर बोले मोदी- छोटे दुकानदारों को होगा फायदा, तकनीक की दुनिया में आएगी क्रांति

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि 'इस योजना से हमारे छोटे दुकानदार वाई-फाई सेवा प्रदान कर सकेंगे. यह उनकी आय को बढ़ावा देगा और साथ ही यह सुनिश्चित करेगा कि हमारे युवाओं को आसानी से इंटरनेट कनेक्टिविटी मिले.'

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो- पीटीआई) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो- पीटीआई)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 09 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 11:50 PM IST
  • मोदी सरकार देश में 1 करोड़ डेटा सेंटर खोलेगी
  • पीएम ने कहा- डिजिटल इंडिया मिशन होगा मजबूत
  • प्रधानमंत्री वाई-फाई एक्सेस इंटरफेस योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बुधवार (9 दिसंबर) को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई. इस बैठक में फैसला लिया गया कि सरकार देश में 1 करोड़ डेटा सेंटर खोलेगी. इस योजना को प्रधानमंत्री वाई-फाई एक्सेस इंटरफेस नाम दिया गया है. दावा है कि इसके जरिए देश में वाई-फाई की क्रांति लाई जाएगी.

इस बाबत प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि "इस योजना से हमारे छोटे दुकानदार वाई-फाई सेवा प्रदान कर सकेंगे. यह उनकी आय को बढ़ावा देगा और साथ ही यह सुनिश्चित करेगा कि हमारे युवाओं को आसानी से इंटरनेट कनेक्टिविटी मिले. यह हमारे डिजिटल इंडिया मिशन को भी मजबूत करेगा."

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इससे पहले उन्होंने एक और ट्वीट में कहा कि ऐतिहासिक PM-WANI (वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क इंटरफेस) योजना जिसे मंत्रिमंडल ने आज मंजूरी दे दी है, वो तकनीक की दुनिया में क्रांति लाएगी. बता दें कि मोदी सरकार की इस योजना के तहत सरकार पब्लिक डाटा ऑफिस यानि कि PDO खोलेगी और खास बात ये है कि इसके लिए किसी लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी. किसी भी मौजूदा दुकान को डेटा ऑफिस में बदल सकते हैं. 

सरकार की ओर से डेटा ऑफिस, डेटा एग्रिगेटर और ऐप सिस्टम आदि के लिए 7 दिनों में सेंटर खोलने की इजाजत दी जाएगी. सरकार देश में करीब 1 करोड़ डेटा सेंटर खोलने पर विचार कर रही है. केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के मुताबिक, अब सुदूर लक्षद्वीप के द्वीपों में भी तेज इंटरनेट की पहुंच होगी. इसके लिए वहां फाइबर कनेक्टविटी का काम कर कोच्चि से लक्षद्वीप के 11 द्वीपों में 1000 दिन में इंटरनेट कनेक्टविटी पहुंचाई जाएगी. 

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इन सबके अलावा केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया कि देश में आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना लागू की जाएगी. इसके तहत 2020-2023 तक कुल 22 हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा. इस योजना से करीब 58.5 लाख कर्मचारियों को फायदा मिलेगा. इसके साथ ही केंद्रीय कैबिनेट ने अरुणाचल प्रदेश, असम के दो जिलों में USOF योजना को मंजूरी दी है. 

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