पश्चिम बंगाल के हुगली (Hooghly of West Bengal) में 11वीं कक्षा की छात्रा की कोविड-19 वैक्सीन (Vaccine) लेने के बाद तबीयत बिगड़ गई. छात्रा के परिजन का आरोप है कि वैक्सीन के बाद खून में इन्फेक्शन (Blood infection) हो गया, जिसकी वजह से छात्रा की मौत हो गई. वहीं मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी (Chief health officer) ने खून में इन्फेक्शन की बात स्वीकार की है.
जानकारी के अनुसार, चूचूड़ा के शिक्षा मंदिर स्कूल की 11वीं कक्षा की छात्रा 18 वर्षीय अनुषिका दे की स्कूल में कोविड-19 के वैक्सीन लेने के बाद तबीयत बिगड़ गई. परिजन का आरोप है कि वैक्सीनेशन के बाद छात्रा के खून में इन्फेक्शन हो गया, जिसकी वजह से मौत हो गई.
'वैक्सीन लेने के बाद आया था तेज बुखार'
छात्रा के पिता सुब्रतो दे ने कहा कि 9 जनवरी को उनकी बेटी ने स्कूल में छात्र सप्ताह कार्यक्रम के दौरान कोविड-19 की Vaccine ली थी. वैक्सीन लेने के बाद उसे तेज बुखार आया. उसे पैरासिटामॉल टेबलेट दी गईं. पैरासिटामॉल टेबलेट दिए जाने के बाद बुखार कम हो गया, लेकिन उसके बाद भी हाथ में काफी दर्द था. वह शारीरिक रूप से कमजोर हो गई थी.
उन्होंने बताया कि बीती रात उसकी हालत काफी बिगड़ गई. आनन-फानन में उसे इलाज के लिए चूचूड़ा के इमामबाड़ा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान आज उसकी मौत हो गई. मृतक छात्रा के पिता ने कहा कि कोविड-19 वैक्सीन के Dose लेने के बाद ही बेटी की तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई.
मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी बोले- मौत के पीछे वैक्सीन वजह नहीं
हुगली जिले के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी सीएमओ डॉक्टर रमा भुइया ने कहा कि कोविड-19 वैक्सीन के एक कंटेनर में 10 लोगों को दी जाने वाली वैक्सीन रखी जाती है. उस दिन चूचूड़ा के शिक्षा मंदिर स्कूल में छात्रा के साथ उसी कंटेनर से जिन अन्य 10 छात्रों को कोविड-19 वैक्सीन का डोज दिया गया था, उनकी शारीरिक हालत पूरी तरह स्वस्थ है. उन्होंने कहा कि वैक्सीन दिए जाने के कारण छात्रा की मौत होने की बात को स्वीकार नहीं किया जा सकता. हालांकि हुगली जिला मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी ने छात्रा की मौत का कारण खून में इन्फेक्शन होना बताया है.
रिपोर्ट: भोला नाथ साहा
aajtak.in