पूर्वी लद्दाख विवाद: भारत और चीन के बीच 13वें दौर की बातचीत कल

बताया जा रहा है कि इस बैठक में हॉट स्प्रिंग्स समेत पूर्वी लद्दाख के बाकी विवादित क्षेत्रों से सेना हटाने को लेकर चर्चा हो सकती है. उम्मीद है कि बैठक में भारतीय सैन्य अफसर देपसांग, डेमचोक के मुद्दों पर समाधान के लिए दबाव डाल सकते हैं. साथ ही अन्य विवादित क्षेत्रों से जल्द से जल्द सेना पीछे हटाने की मांग कर सकते हैं.

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प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो

अभिषेक भल्ला

  • नई दिल्ली,
  • 09 अक्टूबर 2021,
  • अपडेटेड 4:46 PM IST
  • 31 जुलाई को 12वें दौर की हुई थी बैठक
  • चीन के मोल्डो में होगी बातचीत

पूर्वी लद्दाख में सीमा को लेकर भारत और चीन के बीच पिछले साल से गतिरोध जारी है. हालांकि, इस विवाद को हल करने के लिए अब तक 12 दौर की बातचीत हो चुकी है. लेकिन कोई ठोस हल नहीं मिल पाया है. अब रविवार को एक बार फिर इस विवाद को सुलझाने के लिए दोनों देशों के सैन्य अफसर बातचीत करेंगे. यह बैठक चीन सीमा में मोल्डो में सुबह 10.30 बजे से होगी. 

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बताया जा रहा है कि इस बैठक में हॉट स्प्रिंग्स समेत पूर्वी लद्दाख के बाकी विवादित क्षेत्रों से सेना हटाने को लेकर चर्चा हो सकती है. उम्मीद है कि बैठक में भारतीय सैन्य अफसर देपसांग, डेमचोक के मुद्दों पर समाधान के लिए दबाव डाल सकते हैं. साथ ही अन्य विवादित क्षेत्रों से जल्द से जल्द सेना पीछे हटाने की मांग कर सकते हैं. 

31 जुलाई को हुई थी 12वें दौर की बैठक

इससे पहले 31 जुलाई को 12वें दौर की बैठक हुई थी. बैठक के कुछ दिनों बाद, दोनों सेनाओं ने गोगरा से सेना हटाने की प्रक्रिया पूरी की, जिसे इस क्षेत्र में शांति और शांति की बहाली की दिशा में एक अहम कदम के तौर पर देखा जा रहा है. 

हालांकि, 13वें दौर की बैठक ऐसे वक्त पर हो रही है, जब चीनी सैनिकों द्वारा घुसपैठ की दो घटनाएं सामने आई हैं. पहली उत्तराखंड के बाराहोटी में और दूसरी अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर  में. पिछले हफ्ते अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में यांग्त्से के पास भारतीय और चीनी सैनिकों की झड़प हुई थी. हालांकि, दोनों पक्षों के कमांडर स्तर की बातचीत में यह मुद्दा कुछ ही घंटों में सुलझ गया. 

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इससे पहले पिछले महीने चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के करीब 100 जवानों ने बाराहोटी सेक्टर में एलएसी का उल्लंघन किया था. यह घटना 30 अगस्त की है. हालांकि, कुछ घंटों के बाद चीनी सैनिक यहां से वापस चले गए. 

 

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