अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर खरीद घोटाला मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सप्लिमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है. इस मामले में 15 लोगों को आरोपी बनाया गया है. साथ ही कई बैंकों में फर्जी बैंक खाते खोलेकर धन के हेराफेरी की बात भी कही गई है.
चार्जशीट में यह आरोप लगाया गया कि दो आरोपियों ने अपनी नई दिल्ली स्थित कंपनी के माध्यम से 2009 में कोलकाता में स्थित एक कंपनी का अधिग्रहण किया था, ताकि अवैध धन को वैध बनाया जा सके. शेल कंपनियों को बनाने वाले अन्य आरोपियों की मिलीभगत से बैंकिंग चैनलों के माध्यम से इसे हासिल किया गया. इसके लिए विभिन्न बैंकों में फर्जी बैंक खाते भी खोले गए.
आरोप लगाया गया है कि अन्य आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी चालान तैयार किए और उक्त कंपनियों के माध्यम से उक्त धन को स्थानांतरित करने के लिए मेल भेजे. दस्तावेजों और विवरणों की प्रतियां बरामद की गईं. वहीं सीबीआई ने पहले इस मामले में 1 सितंबर 2017 को तत्कालीन एयर चीफ मार्शल (अब सेवानिवृत्त) और 11 अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी.
15 नामजद
वहीं जिन 15 लोगों के नाम चार्जशीट में शामिल है उनमें संदीप त्यागी, प्रवीण बख्शी, प्रताप कृष्ण अग्रवाल (आईडीएस इन्फोटेक लिमिटेड के तत्कालीन प्रबंध निदेशक), नरेंद्र कुमार जैन, कोलकाता के राजेश कुमार जैन, सुनील कोठारी (ओम मेटल्स इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड के तत्कालीन प्रबंध निदेशक), क्रिश्चियन मिशेल के सहयोगी केवी कुन्हिकृष्णन (पूर्व जीएम, वेस्टलैंड सपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड) का नाम है.
इसके अलावा राजीव सक्सेना (इंटरस्टेलर टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के तत्कालीन निदेशक), जियाकोमिनो सपनारो (अगस्ता वेस्टलैंड इंटरनेशनल लिमिटेड के प्रबंध निदेशक), दीपक गोयल, आईडीएस इन्फोटेक लिमिटेड, एयरोमेट्रिक्स इंफो सॉल्यूशंस, नील माधव कंसल्टेंट्स, मैनक एजेंसी और इंटरस्टेलर टेक्नोलॉजीज लिमिटेड का नाम चार्जशीट में दाखिल है.
मुनीष पांडे / तनसीम हैदर