ब्रांडेड शहद के नाम पर चीनी का घोल, लॉटरी-गैंबलिंग पर भी GST, सुनें 'आज का दिन'

जिस शहद को आप ब्रांडेड समझकर खूब खा रहे थे वो चीनी के घोल से कुछ ज़्यादा नहीं है. ये हम नहीं कह रहे सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट यानी सीएसई कह रहा है.

Advertisement
सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 8:44 AM IST

किसानों का कृषि क़ानूनों पर आंदोलन जारी है. कल साढ़े सात घटों तक दिल्ली में किसानों और सरकार की बैठक चलती रही पर हल नहीं निकला. तारीख़ ज़रूर निकली. पाँच दिसंबर. यानि अगली मुलाक़ात की तारीख़. बैठक के बाद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सरकार खुले मन से किसान यूनियन के साथ चर्चा कर रही है. APMS को सशक्त बनाने के लिए सरकार विचार करेगी. वहीं, भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि वार्ता ने थोड़ी प्रगति की है और सरकार ने एमएसपी पर संकेत दिए हैं. तो बैठक के बाद जिस तरह की बातें दोनों तरफ से सुनाई पड़ीं.. तो हमने सोचा अपने वरिष्ठ सहयोगी हिमांशु शर्मा से ही बात की जाए. हिमांशु बता रहे हैं कि दोनों पक्ष समझौते की तरफ बढ़ते क्यों दिखने लगे हैं?

Advertisement

नीतीश सरकार सुर्खियों में है. सरकार ने 11 महीनों की कार्यवाही का ब्यौरा सबके सामने रखा है. इसकी मानें तो करप्शन पर नो टॉलरेंस पॉलिसी का दावा करते हुए सरकार ने 85 पुलिसवालों को डिसमिस किया है जबकि 644 के ख़िलाफ़ कड़ी कार्यवाही हुई है. तो सरकार इस सख़्ती से कैसा संदेश देना चाहती है और क्यों कार्यवाही हुई हैं, बता रहे हैं पटना के आजतक रेडियो रिपोर्टर रोहित कुमार सिंह.

जिस शहद को आप ब्रांडेड समझकर खूब खा रहे थे वो चीनी के घोल से कुछ ज़्यादा नहीं है. ये हम नहीं कह रहे सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट यानी सीएसई कह रहा है. दिल्ली बेस्ड थिंक टैंक है ये. तो ये कहता क्या है, इसकी जाँच में निकला क्या है.. यही सब बता रहे हैं अमन गुप्ता. 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि लॉटरी और गैंबलिंग पर जीएसटी लगाना कानूनन ठीक है. एक मामले की सुनवाई में कोर्ट ने ये बात कही है. सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि लॉटरी के तहत मिलने वाली प्राइज मनी पर भी टैक्स लगाया जाना उचित है, तो सुप्रीम कोर्ट के इस जजमेंट के मायने समझा रहे हैं इंडिया टुडे हिंदी पत्रिका के एसोसिएट एडिटर शुभम शंखधार.

Advertisement

और ये भी सुनिए कि 4 दिसंबर की तारीख महत्वपूर्ण क्यों है, इतिहास इस पर क्या कहता है. साथ साथ अख़बारों का हाल भी लेंगे. इतना सब कुछ महज़ आधे घंटे में सुनिए मॉर्निग न्यूज़ पॉडकास्ट 'आज का दिन' में नितिन ठाकुर के साथ. 

'आज का दिन' सुनने के लिए यहां क्लिक करें

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement