राज्यपाल कोश्यारी के खिलाफ ट्विटर पर पोल, आदित्य ठाकरे ने तीन ऑप्शन देकर मांगी राय

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के विवादित बयान से सियासत गरमा गई है. विपक्षी दल लगातार उन पर निशाना साध रहे हैं. राज्यपाल कोश्यारी ने शिवाजी महाराज को पुराने युग का आदर्श बताया था और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को नए युग का आदर्श. दरअसल, राज्यपाल कोश्यारी औरंगाबाद में स्थित डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर मराठवाड़ा विश्विद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए थे.

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उद्धव गुट के नेता आदित्य ठाकरे ने राज्यपाल के खिलाफ अभियान चलाया है. उद्धव गुट के नेता आदित्य ठाकरे ने राज्यपाल के खिलाफ अभियान चलाया है.

aajtak.in

  • मुंबई,
  • 22 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 4:01 AM IST

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी विवादित बयान की वजह से मुश्किलों में घिर गए हैं. महाराष्ट्र में विपक्षी दल लगातार हमला बोल रहे हैं और राज्यपाल के खिलाफ मोर्चा खोले हैं. अब शिवसेना (उद्धव-बालासाहेब) के नेता आदित्य ठाकरे ने ट्विटर पर राज्यपाल के खिलाफ पोल शुरू किया है. इसमें उन्होंने राज्यपाल को हटाने को लेकर लोगों से तीन ऑप्शन्स में राय मांगी है.

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आदित्य ठाकरे ने ट्वीट किया और पूछा कि क्या महाराष्ट्र के राज्यपाल को हटाया जाना चाहिए?
1). हां
2). ऐसा करने में बहुत देर हो चुकी है.
3). नहीं, मैं महाराष्ट्र विरोधी हूं.

राज्यपाल ने शिवाजी को बताया था पुराना आदर्श

बता दें कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शिवाजी महाराज को पुराने युग का आदर्श बताया है और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को नए युग का आदर्श बताया है. दरअसल, राज्यपाल कोश्यारी औरंगाबाद में स्थित डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए थे. यहां उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी और NCP सुप्रीमो शरद पवार को डिलिट की उपाधि से नवाजा.

भगत सिंह कोश्यारी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर कोई आपसे पूछता है कि आपका आदर्श कौन है, तो आपको उसे खोजने के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं है, वे आपको यहीं महाराष्ट्र में मिल जाएंगे. छत्रपति शिवाजी महाराज तो पुराने युग की बात है. अब नए युग में तो डॉ बाबासाहेब अंबेडकर से लेकर नितिन गडकरी तक आपको यहीं मिल जाएंगे.

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नई पीढ़ी के आदर्शों में गडकरी तक मिलेंगे

उन्होंने कहा- 'पहले जब हम स्कूल-कॉलेज में पढ़ते थे तो हमसे पूछा जाता था कि आपका पसंदीदा हीरो, पसंदीदा नेता कौन है? हम सुभाष चंद्र बोस, जवाहरलाल नेहरू और गांधीजी कहते थे. लेकिन मुझे लगता है कि अगर कोई आपसे पूछे कि आपका आइकन कौन है? आपका पसंदीदा हीरो कौन है? तो महाराष्ट्र के बाहर जाने की जरूरत नहीं है. ये आपको महाराष्ट्र में मिल जाएंगे और 'शिवाजी' उनमें से एक हैं, हालांकि, वह अब पुरानी पीढ़ी के हैं. तो बात करते हैं नई पीढ़ी की जो आपको यहां डॉ. अंबेडकर से लेकर डॉ. गडकरी यानी नितिन गडकरी जी तक मिलेंगे.

एनसीपी ने भी किया विरोध

वहीं, एनसीपी नेता सुप्रिया सुले ने भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि भाजपा को मराठा राजा का नाम लेने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. उन्होंने डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस के बयान का भी विरोध किया. वहीं, छत्रपति शिवाजी के वंशज और भाजपा के राज्यसभा सांसद उदयनराजे भोसले ने राज्यपाल और भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी को हटाने की मांग की. भोसले ने कहा कि अगर उनकी मांग पर कोई फैसला नहीं हुआ तो वह अपने भविष्य की रणनीति तय करेंगे.

देवेंद्र फडणवीस ने कहा- एक बात स्पष्ट है कि छत्रपति शिवाजी महाराज सूर्य और चंद्रमा के अस्तित्व तक महाराष्ट्र और हमारे देश के नायक और मूर्ति बने रहेंगे. यहां तक ​​कि कोश्यारी के मन में भी इस बारे में कोई संदेह नहीं है. इस तरह की  टिप्पणियों के विभिन्न अर्थ निकाले गए हैं.

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सुप्रिया सुले ने आश्चर्य जताया कि फडणवीस छत्रपति शिवाजी के 'अपमान' का बचाव कैसे कर सकते हैं. मैं फडणवीस जी से अधिक उम्मीद कर रही थी. वह पांच साल के लिए मुख्यमंत्री थे. आपकी एक अलग विचारधारा हो सकती है, लेकिन अगर छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान किया जा रहा है और यदि आप इसका बचाव कर रहे हैं तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है. 


 

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