कोरोना संकट के बीच एमपी में चल रही पोस्टर पॉलिटिक्स, कमलनाथ के बाद लगे सिंधिया के पोस्टर

मध्यप्रदेश इन दिनों कोरोना की चपेट में है. सूबे में कोरोना के 6500 से ज्यादा मरीज सामने आ चुके हैं तो 300 लोगों की अब तक इससे जान जा चुकी है. कोरोना के खतरे को देखते हुए नेताओं ने भी जनता से सोशल डिस्टेंसिंग की आड़ में डिस्टेंसिंग यानी दूरी बना रखी है.

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एमपी में कोरोना का संकट काफी गहरा है उसके बावजूद राजनीति जारी है (फोटो: Aajtak) एमपी में कोरोना का संकट काफी गहरा है उसके बावजूद राजनीति जारी है (फोटो: Aajtak)

रवीश पाल सिंह

  • भोपाल,
  • 26 मई 2020,
  • अपडेटेड 5:07 AM IST

  • पहले छिंदवाड़ा में लगे थे कमलनाथ के पोस्टर
  • फिर ग्वालियर में लगाए गए सिंधिया के पोस्टर

मध्यप्रदेश में भले ही उपचुनाव की तारीखों का ऐलान ना हुआ हो लेकिन कोरोना संक्ट के दौरान लगता है राजनीतिक दलों ने एक दूसरे को घेरने की तैयारी शुरू कर दी है. ऐसा इसलिए लग रहा है क्योंकि नेता भले ही इन दिनों जनता के बीच नहीं जा रहे हों लेकिन उनके विरोधियों ने इसी को आधार बनाते हुए उनकी गुमशुदगी के पोस्टर लगाने जरूर शुरु कर दिए हैं.

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मध्यप्रदेश इन दिनों कोरोना की चपेट में है. सूबे में कोरोना के 6500 से ज्यादा मरीज सामने आ चुके हैं तो 300 लोगों की अब तक इससे जान जा चुकी है. कोरोना के खतरे को देखते हुए नेताओं ने भी जनता से सोशल डिस्टेंसिंग की आड़ में डिस्टेंसिंग यानी दूरी बना रखी है. उनके राजनीतिक विरोधियों ने इसी बात का फायदा उठाकर मध्य प्रदेश में पोस्टर पर सियासत शुरू कर दी है.

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इसकी शुरुआत छिंदवाड़ा से हुई जहां पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके सांसद पुत्र नकुलनाथ के लापता होने के पोस्टर लगाए गए थे. हालांकि कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने मध्यप्रदेश में पोस्टरों की राजनीति को गलत बताया है और कहा है कि मध्यप्रदेश की राजनीति का ये रूप कभी नहीं रहा. यहां राजनीति में भी शिष्टाचार धर्म का पालन किया जाता है.

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वहीं छिंदवाड़ा में अपने नेता के लापता वाले पोस्टर से बौखलाई कांग्रेस ने ग्वालियर में ज्योतिरादित्य सिंधिया के जयविलास पैलेस और उसके आसपास के इलाकों में 'गुमशुदा जनसेवक' नाम से सिंधिया के पोस्टर लगा दिए हैं. पोस्टर में ऐलान किया गया है कि सिंधिया का पता बताने वाले को 5100 रुपये का नगद इनाम दिया जाएगा.

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पोस्टर पर बवाल हुआ तो सिंधिया समर्थकों ने कांग्रेस के सिद्धार्थ राजावत के खिलाफ थाने में शिकायत दे दी है. खुद बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष रामेश्वर शर्मा बोल रहे हैं कि सिंधिया को गुमशुदा बताने वाले ये नहीं जानते कि वे लगातार ग्वालियर-चंबल संभाग पर नजर बनाये हुए हैं. आज तक से बात करते हुए रामेश्वर शर्मा ने कहा कि सिंधिया ने सिर्फ ग्वालियर-चंबल संभाग ही नहीं बल्कि मध्यप्रदेश के ज्यादातर जनप्रतिनिधियों से फोन पर लगातार संपर्क बनाया हुआ है.

बहरहाल, पोस्टरों की राजनीति कोई नई बात नहीं. लेकिन जिस तरह से कोरोना संकट के दौरान भी मध्यप्रदेश में नेता एक-दूसरे पर कीचड़ उछालने में लगे हुए हैं वो शायद कहीं और देखने को नहीं मिलेगा.

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