कई बार ऐसा हुआ है कि किसी फिल्म की कहानी से प्रेरणा लेकर कुछ लोग समाज की दिशा बदलने की दिशा में कदम बढ़ा देते हैं. कुछ ऐसा ही हुआ है मध्य प्रदेश में, जहां नीमच के एक जज ने सुपर 30 से प्रेरित होकर एक नई शुरुआत की है.
नीमच के जिला एवं सत्र न्यायाधीश हृदयेश श्रीवास्तव ने कुछ दिनों पहले बिहार के मशहूर प्रोफेसर आनंद कुमार के जीवन पर बनी फिल्म SUPER 30 देखी थी. जज साहब इस फिल्म से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने आनंद कुमार से प्रेरणा लेकर नीमच के ऐसे जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया, जो न्यायिक सेवा की तैयारी कर रहे हैं.
फिल्म देखने के बाद जज हृदयेश श्रीवास्तव ने कोर्ट के अन्य जजों से पहले सलाह-मशविरा किया और जब सबने इस सोच का समर्थन किया तो तय किया गया कि नीमच कोर्ट के सभी जज कोर्ट परिसर में ही जज बनने की ख्वाहिश के साथ तैयारी कर रहे छात्रों को निःशुल्क कोचिंग देंगे.
जजों की इस कोचिंग में उन छात्रों को क्लास दी जा रही है, जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और वह तैयारी के लिए अन्य शहरों या फिर महंगे कोचिंग सेंटरों में नहीं जा सकते. फिलहाल नीमच कोर्ट परिसर में हफ्ते के चार दिन इस कोचिंग की क्लास लगती है जहां नीमच कोर्ट के जज करीब 18 बच्चों को पढ़ाते हैं.
आज तक से बात करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश हृदयेश श्रीवास्तव ने कहा कि फिल्म देखने के बाद उनके मन में भी गरीब और जरूरतमंद बच्चों की मदद करने का विचार आया. उन्होंने फैसला किया कि वह अपने ज्ञान से आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की मदद करते हुए उन्हें सिविल जज परीक्षा की तैयारी करवाएंगे.
जिला एवं सत्र न्यायाधीश के मुताबिक कोर्ट परिसर में ही छात्रों को निःशुल्क कोचिंग के साथ-साथ परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए सुझाव और कई तरह के टिप्स दिए जाते हैं. जब सिविल जज परीक्षा की कोचिंग कोर्ट के जज से ही मिल रही हो तो फिर छात्र भला खुश क्यों न होंगे.
जजों से कोचिंग ले रहे छात्रों की मानें तो फ्री कोचिंग के साथ ही यहां पर जिस तरीके से परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए उदाहरण और सुझाव दिए जा रहे हैं. वह परीक्षा में उनके लिए काफी फायदेमंद तो होंगे ही, जजों के अनुभव से मिलने वाली सीख भविष्य में उनके पेशे के लिए भी काफी मददगार साबित होगी.
रवीश पाल सिंह