इंदौर से BJP सांसद ने किया ट्रेनों में मसाज का विरोध, रेलमंत्री से फैसला वापस लेने की मांग

इंदौर से भारतीय जनता पार्टी के सांसद शंकर लालवानी ने लिखा कि ट्रेनों में मसाज का कोई औचित्य नहीं है और इसलिए जनमानस को ध्यान में रखते हुए इस पर उचित फैसला किया जाए.

बीजेपी सांसद शंकर लालवानी
रवीश पाल सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 13 जून 2019,
  • अपडेटेड 6:10 PM IST

मध्य प्रदेश के इंदौर से सांसद शंकर लालवानी ने ट्रेनों में मसाज सेवा का विरोध किया है. लालवानी ने बाकायदा इसके बाबत एक पत्र रेलमंत्री पीयूष गोयल को भी लिखा है. हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में सांसद चुनकर आए शंकर लालवानी ने रेलमंत्री को चिठ्ठी लिख कर मांग की है कि रेलवे को तुरंत इस निर्णय को वापस लेना चाहिए.

लालवानी ने लिखा कि ट्रेनों में इस तरह की स्तरहीन व्यवस्थाओं (मसाज) का कोई औचित्य नहीं है और इसलिए जनमानस को ध्यान में रखते हुए इस पर उचित फैसला किया जाए. रेलमंत्री को लिखे पत्र में लालवानी ने लिखा, 'हाल ही में समाचार पत्रों के माध्यम से पता चला है कि रतलाम मंडल द्वारा संचालित की जा रही यात्री गाड़ियों में यात्रियों के लिए मसाज सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. मुझे आश्चर्य है कि चलती गाड़ी में अन्य यात्रियों विशेषकर महिलाओं के समक्ष इस प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराना भारतीय संस्कृति के मानकों के अनुरूप प्रतीत होगा क्या? यात्रियों को मेडिकल सुविधा, डॉक्टरों की उपलब्धता आदि अन्य कई आवश्यक सुविधाओं के स्थान पर इस तरह के स्तरहीन व्यवस्थाओं का मेरे मत में कोई औचित्य प्रतीत नहीं होता. आशा है आप इस मामले में जनमानस की भावनाओं पर योग्य विचार कर उचित निर्णय लेंगे'.

दरअसल, रेलवे ने चलती ट्रेन में यात्रियों के सिर और पैर की मसाज की शुरुआत करने का निर्णय लिया था. इंदौर की 39 ट्रेनों से इसकी शुरुआत होना है. हालांकि, रेलवे का कहना है मसाज के लिए कुछ बर्थों का चयन किया जाएगा, जिससे बाकी यात्रियों को इससे परेशानी ना हो.

भारतीय रेलवे ने पहली बार चलती ट्रेन में मसाज और मालिश की सुविधा का ऐलान किया है. वहीं, ट्रेनों में लंबा सफर करने वाले यात्रियों के लिए रेलवे के इस कदम को काफी सराहा भी जा रहा है. रेलवे के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इससे यात्रियों की सुविधा के साथ रेलवे को भी प्रतिवर्ष लगभग 20 लाख रुपये की अतिरिक्त आय के साथ ही करीब 90 लाख रुपये की अतिरिक्त टिकट की भी बिक्री होने का अनुमान लगाया गया है. गौरतलब है कि यह सेवा फिलहाल इंदौर से चलने वाली सिर्फ 39 ट्रेनों में ही उपलब्ध होगी.

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