भोपाल में प्रदर्शन कर रहे किसानों पर आधी रात को पुलिस की कार्रवाई

भोपाल के चूना भट्टी इलाके में करीब 50 किसान धरना दे रहे थे जहां पुलिस ने आधी रात के बाद कार्रवाई की और किसानों को वहां से हटा दिया.

Advertisement
दिल्ली में किसानों का प्रदर्शन जारी है (फोटो-PTI) दिल्ली में किसानों का प्रदर्शन जारी है (फोटो-PTI)

हेमेंद्र शर्मा

  • भोपाल,
  • 09 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 1:43 PM IST
  • चूना भट्टी इलाके में धरना दे रहे थे 50 किसान
  • भोपाल पुलिस ने आधी रात के बाद कार्रवाई की

दिल्ली में चल रहे किसानों के आंदोलन का समर्थन करने के लिए मंगलवार को भोपाल में भी कुछ किसान प्रदर्शन करने उतरे. भोपाल के चूना भट्टी इलाके में करीब 50 किसान धरना दे रहे थे जहां पुलिस ने आधी रात के बाद कार्रवाई की और किसानों को वहां से हटा दिया.

किसानों को प्रदर्शन के लिए निर्धारित नीलम पार्क की ओर बढ़ने से रोक दिय गया तो वे व्यस्त सड़क पर ही बैठ गए और एक लेन में एक दर्जन से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को पार्क कर दिया.

Advertisement

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने किसी भी कार्रवाई से इनकार किया है और दावा किया कि किसानों ने अपने आप ही आधी रात के बाद धरना खत्म कर दिया. हालांकि, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यातायात के लिए चूना भट्टी रोड को खाली कराने की बात कहते हुए कहा, “किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ आधी रात के बाद खुद ही चले गए.”

मंगलवार को विदिशा और रायसेन से आए प्रदर्शनकारी किसानों ने घोषणा की थी कि उनके पास पर्याप्त राशन है जो कई महीनों तक चल सकता है. किसानों द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों का समाधान नहीं होने तक वे प्रदर्शन करेंगे. किसानों ने मंगलवार शाम को सड़क पर ही भोजन किया.

वहीं, मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार ने दावा किया है कि मंगलवार को राज्य में किसान के भारत बंद के आह्वान का कोई खास असर नहीं हुआ. हालांकि, किसानों ने सरकार पर आरोप लगाया कि राज्य भर में किसानों को एकत्र नहीं होने दिया गया और ट्रैक्टर ट्रॉलियों को बैरीकेड्स लगाकर आगे जाने से रोका गया.

Advertisement

देखें: आजतक LIVE TV 

चूना भट्टी आए प्रदर्शनकारियों ने कहा, हमने विदिशा और रायसेन इलाके से सोमवार शाम 55 ट्रैक्टर के साथ यात्रा शुरू की थी लेकिन पुलिस ने जगह जगह बैरीकेड्स लगाकर हमको आगे बढ़ने से रोका. हमारे कई ट्रैक्टर पुलिस ने हिरासत में ले लिए, लेकिन कुछ को हम भोपाल तक लाने में कामयाब हुए.

राज्य के किसानों का दावा है कि श्योपुर और ग्वालियर से बड़ी संख्या में किसान ​आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली गए हैं.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement