मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के नतीजे आ गए हैं. दमोह विधानसभा सीट पर मध्य प्रदेश के वित्तमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रत्याशी जयंत मलैया की हार हुई है. उन्हें कांग्रेस के राहुल सिंह ने हराया. मलैया को 78199 वोट मिले. जबकि राहुल सिंह 78997 वोट पाने में कामयाब रहे.
मालूम हो कि दमोह विधानसभा सीट पर पिछले 28 साल से बीजेपी का कब्जा है और इस सीट से राज्य के वित्त मंत्री जयंत मलैया विधायक हैं. इस सीट पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर रहती है. सीट पर कुल 2.12 लाख मतदाता हैं. दमोह लोकसभा सीट के अंतर्गत 7 विधानसभा सीटें आती हैं. इनमें 3 सीटें दमोह जिले की हैं और बाकी 3 सीट सागर जिले, एक सीट छतरपुर जिले में आती है.
साल 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के जयंत मलैया और कांग्रेस के चंद्रभान के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली थी. इस चुनाव में मलैया को 5 हजार वोट से जीत मिली थी, जबकि वोट फीसदी का अंतर सिर्फ 3.3 ही रहा. इसके अलावा बीएसपी और भारतीय शक्ति चेतना पार्टी ने भी इस सीट पर चुनाव लड़ा था.
साल 2008 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के जयंत मलैया और कांग्रेस के चंद्रभान के बीच और भी कड़ा मुकाबला देखने को मिला था. नतीजों में बीजेपी के मलैया को सिर्फ 130 वोटों से जीत मिली थी. इस चुनाव में हार-जीत में 0.1 फीसदी वोटों का अंतर रहा. इस चुनाव में बीएसपी को करीब 7 फीसदी वोट हासिल हुए थे.
2013 में विधानसभा की क्या थी तस्वीर
मध्य प्रदेश विधानसभा की 230 सीटों में से 35 सीट अनुसूचित जाति जबकि 47 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं. 148 गैर-आरक्षित सीटें हैं. 2013 में हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने 165 सीटों पर जीत हासिल कर राज्य में लगातार तीसरी बार सरकार बनाई थी, जबकि कांग्रेस को 58 सीटों से ही संतोष करना पड़ा था. वहीं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने 4 जबकि 3 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी.
कितने लोगों ने किया मताधिकार का प्रयोग...
निर्वाचन आयोग के मुताबिक 2013 में मध्य प्रदेश में कुल 4,66,36,788 मतदाता थे जिनमें महिला मतदाताओं की संख्या 2,20,64,402 और पुरुष मतदाताओं की संख्या 2,45,71,298 और अन्य वोटर्स 1088 थे. 2013 में 72.07 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था.
वोटिंग में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी....
निर्वाचन आयोग के मुताबिक इस बार मध्य प्रदेश में 75.05 फीसदी मतदान हुआ. जबकि 2013 में 72.07 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था. इस बार महिलाओं का मतदान प्रतिशत पिछले चुनाव के मुकाबले करीब 4 फीसदी बढ़कर 74.03 प्रतिशत रहा. 2013 में महिलाओं का मतदान प्रतिशत 70.11 प्रतिशत रहा था.
इसके पहले कैसा रहा है वोटिंग का प्रतिशत...
1990 में स्व. सुंदरलाल पटवा के नेतृत्व में भाजपा मैदान में उतरी और 4.36 फीसदी वोट बढ़ गए. तत्कालीन कांग्रेस की सरकार को हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद 1993 में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस चुनाव में उतरी तो 6.03 प्रतिशत मतदान बढ़ा और बीजेपी की पटवा सरकार हार गई थी.
वहीं, 1998 में वोटिंग प्रतिशत 60.22 रहा था जो 1993 के बराबर ही था. उस वक्त दिग्विजय सिंह की सरकार बनी. लेकिन 2003 में उमा के नेतृत्व में भाजपा सामने आई और दिग्विजय सिंह की 10 साल की सरकार सत्ता से बाहर हो गई. उस वक्त भी 7.03 प्रतिशत वोट बढ़े थे.
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श्याम सुंदर गोयल