हॉस्टल का फरमान- मीडिया को खबर बताया तो होगा एक्शन

इस कॉलेज के हॉस्टल में रहने वाली 120 छात्राओं के लिए हॉस्टल प्रबंधन ने जो फरमान जारी किए हैं उसके मुताबिक यदि कोई छात्रा कॉलेज से संबंधित कोई खबर मीडिया को बताती है तो इसे दुराचरण माना जाएगा और इतना ही नही इसके लिए उसे निष्कासित तक किया जा सकता है.

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हॉस्टल के फरमान पर विवाद हॉस्टल के फरमान पर विवाद

रवीश पाल सिंह

  • सागर,
  • 27 अगस्त 2016,
  • अपडेटेड 8:49 AM IST

मध्य प्रदेश में सागर के एक्सीलेंस गर्ल्स कॉलेज के हॉस्टल प्रबंधन ने ऐसा नियम बनाया है जिसने सबको हैरान कर दिया है.

इस कॉलेज के हॉस्टल में रहने वाली 120 छात्राओं के लिए हॉस्टल प्रबंधन ने जो फरमान जारी किए हैं उसके मुताबिक यदि कोई छात्रा कॉलेज से संबंधित कोई खबर मीडिया को बताती है तो इसे दुराचरण माना जाएगा और इतना ही नही इसके लिए उसे निष्कासित तक किया जा सकता है.

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इसके अलावा राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने को भी दुराचरण की श्रेणी में रखा गया है. लगे हाथ हॉस्टल में ड्रेस कोड भी लागू कर दिया गया है जिसके चलते कोई भी छात्रा घुटने से ऊंचे कपड़े नहीं पहन सकतीं.

ये सारे नियम रूल बुक में दिए गए हैं लेकिन इन नियमों के बारे में गर्ल्स डिग्री कॉलेज की हॉस्टल वॉडन इला तिवारी से जानना चाहा तो उन्होंने कई सवालों के गोल मोल जवाब दिए उनसे जब हमने जानना चाहा की रूल बुक में छात्राओं के लिए नियम लागू किये गए हैं. तो उन्होंने बताया की नियम पहले से लागू है. लेकिन दस सालों से किसी भी छात्रा को निष्काषित नही किया गया है.

इस पूरे मामले में जब हमने छात्राओं से बात की तो छात्राओं का कहना था कि ये गलत तो है लेकिन सुरक्षा के लिए ये जरूरी भी है. कुछ दिन पहले ही भोपाल के मैनिट में लड़कियों के हास्टल में ड्रेसकोड लागू किया गया था जिसका काफी विरोध हुआ था.

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